Corona Effect: गणेशोत्सव को लेकर BMC सख्त, स्थापना से लेकर विसर्जन तक जानें 5 अहम दिशा निर्देश

  • Ganesh Utsav पर दिख रहा Corona Effect
  • BMC ने गणेशोत्सव को लेकर जारी किए अहम दिशा निर्देश
  • गणपति उत्सव के दौरान घरों में ही गणपति की स्थापना और उनके विसर्जन कार्यक्रम में सिर्फ पांच लोग ही शामिल होने की इजाजत

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खास तौर पर महाराष्ट्र ( Coronavirus in Maharashtra ) में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है इस बार कोरोना का असर गणेशोत्सव पर दिखाई दे रहा है। कोविड-19 के चलते बृहन्नमुंबई महानगरपालिका ( BMC ) ने सख्त रुख अपनाया है।

गणेशोत्सव ( Ganeshotsav ) को लेकर बीएमसी बकायदा गाइलाइन जारी की है। इसके तहत गणपति उत्सव के दौरान घरों में ही गणपति की स्थापना और उनके विसर्जन कार्यक्रम में सिर्फ पांच लोग ही शामिल होने की इजाजत दी गई है। बीएमसी ने त्योहार से पहले लोगों से यह विशेष आग्रह किया।

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इस वर्ष गणेशोत्सव 22 अगस्त से शुरू होगा,लेकिन इस तैयारी महाराष्ट्र में एक महीने पहले से ही शुरू हो जाती है। यही वजह है कि बीएमसी ने कोरोना संकट के चलते इस बार कुछ अहम नियम बनाए हैं जिसके तहत गणेशोत्सव मनाया जाएगा।

गणेशोत्सव और बीएमसी के 5 अहम निमय
1. घर की गणेश प्रतिमाओं का आगमन जुलूस के रूप में नहीं होना चाहिए। आगमन के लिए अधिकतम 5 लोग होने चाहिए। इस दौरान कोरोना से सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना आदि।

2. घरेलू गणेशोत्सव के लिए मूर्ति दो फीट से ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए। यदि संभव हो तो घर में मौजूद धातु या संगमरमर की मूर्ति का ही इस्तेमाल करें।

3. मूर्ति पर्यावरण के अनुकूल है तो इसका विसर्जन घर में किया जाना चाहिए। हो सके तो मूर्ति का विसर्जन अगले वर्ष 2021 में भाद्रपद के महीने में किया जाए।

4. विसर्जन के लिए प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर जानें से बचें। विसर्जन पर जाते समय भी अधिकतम 5 लोगों को अनुमति। इस दौरान सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक

5. यदि किसी घर या फिर भवन को गणेशोत्सव के दौरान प्रतिबंधित घोषित किया गया हो तो प्रतिबंधित क्षेत्रों के नियमों को पालन आवश्यक है।

उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कार्रवाई
नगर निकाय ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भादंवि की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र कोरोना वायरस से अब तक एक लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 6 हजार से ज्यादा लोगों ने इस घातक महामारी के चलते अपनी जान गंवा दी है।

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धीरज शर्मा
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