MNS का बढ़े हुए बिलजी रेट को लेकर AEML के खिलाफ प्रदर्शन, रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

MNS का बढ़े हुए बिलजी रेट को लेकर AEML के खिलाफ प्रदर्शन, रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

Anil Kumar | Publish: Dec, 08 2018 08:19:09 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

महाराष्ट्र में बढे हुए बिजली के दामों को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने खोला मोर्चा।

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने शनिवार को मांग की है कि फैक्ट फाइंडिंग कमिटी (एफएफसी) के रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, जिसे महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग (MERC) द्वारा ही नियुक्त किए गए दो लोगों ने तैयार किया है। अपने बयान में मनसे के प्रवक्ता अविनाश अभयंकर ने कहा है कि महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग को कमिटी के रिपोर्ट के बारे में खुलासा करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि उसका संबंध किसी निजी विद्युत कंपनी से है या नहीं।

बिजली के बढ़े रेट पर मनसे ने उठाया सवाल

आपको बता दें कि मनसे प्रवक्ता अभयंकर ने कहा कि महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग ने अदानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एइएमएल) से कहा है 'यदि औसत उपयोग से पावर रेट 15 प्रतिशत ज्यादा है तो फिर मीटर को चेक करना चाहिए और बढ़े हुए पैसों को ब्याज के साथ रिटर्न करना चाहिए।' हम इस बात का स्वागत करते हैं लेकिन हमारा विरोध उस 15 प्रतिशत को लेकर है। उन्होंने कहा कि आखिर 15 प्रतिशत कैसे बढ़ा दिया गया और किसने इसकी इजाजत दी। अभयंकर ने कहा कि उसकी पार्टी एइएमएल के खिलाफ तबतक प्रदर्शन करेगी जबतक कि बढ़े हुए बिल को वापस नहीं लिया जाता और बढ़े हुए रेट को वापस लिया जाएगा। मनसे ने आरोप लगाया है कि 27 अगस्त से 1 सितंबर तक हड़ताल करने वाले कर्चारियों के बिजली बिल को बढ़ा दिया है।

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एमएआरसी ने कंपनी से मांगा स्पष्टीकरण

बता दें कि लोकल विधायक आशीष शेलार ने बीते हफ्ते मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाकात की थी और आम लोगों की परेशानी को उनके समक्ष रखा था। विधायक ने कहा था कि जहां पर भी अदानी कंपनी के बिजली डिस्ट्रीब्यूटर हैं वहां पर बिजली के दाम में बढ़ोतरी हुई है। इसका समाधान किया जाए। हालांकि इसके बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग ने फैक्ट फाइंडिंग कमिटी से मुलाकात की है और अदानी बिजली के ग्राहकों के बिजली बिल अचानक बढ़ने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की है। इसके अलावा एमएआरसी ने मीडिया रिपोर्ट और उपभोक्ता शिकायतों के आधार पर बिजली बिलों में अचानक वृद्धि के लिए कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है।

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