थाईलैंड दौरे पर रवाना PM मोदी, मुक्त व्यापार समझौते पर रहेंगी निगाहें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड यात्रा के लिए आज सुबह लगभग 10 बजे रवाना
  • पीएम थाईलैंड में आसियान-इंडिया, ईस्ट एशिया और आरसीईपी समिट में हिस्सा लेंगे
  • थाईलैंड प्रवास के पहले दिन पीएम थाईलैंड में रह रहे भारतीय लोगों को संबोधित करेंगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड यात्रा के लिए आज सुबह लगभग 10 बजे रवाना हुए। पीएम मोदी 2 से 4 नवंबर तक थाईलैंड की यात्रा पर रहेंगे।

पीएम इस दौरान थाईलैंड में आसियान-इंडिया, ईस्ट एशिया और आरसीईपी समिट में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि थाईलैंड प्रवास के पहले दिन पीएम थाईलैंड में रह रहे भारतीय लोगों को संबोधित करेंगे।

इसके बाद पीएम गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के मौके पर सिक्का और तमिल ग्रंथ तिरुक्कुल का थाई अनुवाद जारी करेंगे।

इसके साथ ही मोदी आज बैंकॉक में पीएम मोदी कम्युनिटी प्रोग्राम में संबोधित करेंगे। पीएम अपनी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी समेत कई खास मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
रविवार को मोदी आसियान-इंडिया समिट में शामिल होंगे।

गुरुवार को विदेश मंत्रालय की प्रेसवार्ता में सचिव विजय सिंह ठाकुर ने बताया था कि आसियान से संबंधित समिट हमारे डिप्लोमेटिक कैलेंडर का हिस्सा है।


विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम के इस मोदी दौरे का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों को और मजबूती देना है। इस दौरान कई और समझौते भी होंगे। आखिर में पीएम मोदी आरसीईपी समिट में भी शिरकत करेंगे।

इसमें 10 आसियान ग्रुप के मेंबर्स हैं जिसमें ब्रुनेई, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस, लाओस, कंबोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। वहीं 6 एफटीए पार्टनर्स भारत, चीन, जापान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं। आसियान सम्मेलन से पहले सबकी नजरें आरसीईपी व्यापार समझौते पर लगी है।

अगर इस समझौते को अंतिम रूप देने में कामयाबी मिली तो इसे दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया जा सकेगा।

दरअसल आरसीईपी 16 देशों के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता है जिससे इन देशों के बीच होने वाले व्यापार को आसान बनाया जा सकता है। इन देशों के बीच पारस्परिक व्यापार में टैक्स में कटौती के अलावा कई तरीके की आर्थिक छूट भी मुहैया कराई जाएगी।
मुक्त व्यापार समझौते के तहत दो या दो से ज्यादा देशों के बीच ऐसा समझौता है जिसमें आयात और निर्यात को आसान बनाया जा सके। ऐसे समझौते के अंतर्गत आने वाले सदस्य देश टैक्स दर को कम करते हैं और व्यापार के लिए उचित माहौल तैयार करते हैं।

Mohit sharma
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