एनएच 74 घोटाला: दो आईएएस अधिकारी निलंबित

एनएच 74 घोटाला: दो आईएएस अधिकारी निलंबित

उत्तराखंड में पहली बार किसी मामले में आइएएस अधिकारी किए गए निलंबित। इस मामले में एसडीएम समेत आठ अधिकारी हो चुके हैं, गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने करीब 300 करोड़ के एनएच-74 चौडीकरण घोटाले में मंगलवार को कार्रवाई करते हुए दो आईएएस अधिकारी पंकज पाण्डेय व चंद्रेश यादव को सस्पेंड कर दिया। यह निर्णय सरकार की ओर से गठित एसआईटी की विवेचना के आधार पर लिया गया। जांच की रिपोर्ट सरकार को 10 सितंबर को उपलब्ध करवाई गई, जिसके बाद अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी ने इस बारे में आदेश जारी किए ।

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अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारियों को लैंड यूज चेंज व कई गुना मुआवजा स्वीकृत करने के आरोप में दंडित किया जा रहा है। इस दौरान दोनों आईएएस अधिकारी अपर मुख्य सचिव, कार्मिक, उत्तराखण्ड शासन के साथ संबद्ध रहेंगे।

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जानकारी के मुताबिक दोनों आईएएस अधिकारियों से एसआईटी पहले व दूसरे दौर की पूछताछ पूरी कर चुकी थी। पूछताछ के उपरांत एसआईटी ने मामले को शासन के स्तर पर डाल दिया कि इस पर आगे विभागीय जांच होगी या एसआईटी ही इसकी जांच करेगी। जानकारों का मानना है कि इसके बाद अब इन दोनों अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय है।

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गौरतलब है कि तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन ने एनएच-74 के भूमि मुआवजा वितरण में अनुमानित तीन सौ करोड़ से अधिक के घोटाले को उजागर किया था। इसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह ने 10 मार्च 2017 को थाना पंतनगर में मुकदमा दर्ज करवाया था। घोटाले की जांच के लिए सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ।

इस मामले में अब तक एसडीएम समेत आठ से अधिक अधिकारियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस मामले में सरकार पहले सीबीआई जांच करवाना चाहती थी, मगर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हस्तक्षेप के बाद एसआईटी जांच पर ही फोकस किया गया।

 

 

 

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