आर्मी और नेवी में भी शामिल होगी निर्भय मिसाइल, चीन से लड़ने के लिए पहले से LAC पर तैनात है

चीन द्वारा किसी भी दुस्साहस का जवाब देने से लिए भारत चीन सीमा पर पहले से तैनात है निर्भय मिसाइल
0.7 मैक (लगभग साढ़े आठ सौ किलोमीटर प्रति घंटा) की स्पीड से कर सकती है दुश्मन पर वार

DRDO द्वारा विकसित की गई निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइलों को भारत अगले माह होने वाले सातवें परीक्षण के बाद भारतीय सेना और नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल करेगा। देश की चीन सीमा पर पड़ौसी देश से चल रहे तनाव को देखते हुए किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए इन मिसाइलों को पहले ही भारत चीन सीमा (LAC) पर तैनात कर दिया गया है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इन मिसाइलों को सेना में शामिल करने की अनुमति दे दी है।

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निर्भय मिसाइलें इसलिए हैं खास
जमीन से जमीन पर मार करने वाली निर्भय मिसाइल की मारक क्षमता 1,000 किलोमीटर है। यह मिसाइल जमीन से 100 मीटर से चार किलोमीटर के बीच उड़ान भरने में सक्षम है और टारगेट पर सटीक निशाना लगाने की क्षमता रखती है। इनकी एक्यूरेसी 90 प्रतिशत तक आंकी गई है। इन मिसाइलों की स्पीड 0.7 मैक है तथा टेरेन हगिंग और सी-स्किमिंग दोनों तरह की क्षमताओं से लैस है। इसी कारण यह दुश्मन के राडार पर नजर नहीं आती और दुश्मन पर अचानक से हमला किया जा सकता है।

अनुमति मिलने से पहले ही तैनात की सीमा पर मिसाइलें
उल्लेखनीय है कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इन मिसाइलों को सेना में शामिल करने की अनुमति हाल ही में दी थी परन्तु इन मिसाइलों की विशेष क्षमताओं को देखते हुए इन्हें सीमित संख्या में भारत चीन सीमा पर पहले ही तैनात कर दिया गया था। इन मिसाइलों के साथ ही भारत तथा रूस द्वारा विकसित की गई सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को भी तैनात किया गया है। ब्रह्मोस की मारक क्षमता 500 किलोमीटर है जो जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है।

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सुनील शर्मा
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