फांसी के लिए एक और नई तारीख मुकर्रर, निर्भया की मां हर लड़ाई के लिए तैयार

  • दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया चौथा डेथ वारंट।
  • बुधवार को राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी पवन की दया याचिका।
  • निर्भया की मां को इस बार चारों की फांसी होने की उम्मीद।

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस में बृहस्पतिवार को एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने चौथी बार यह डेथ वारंट जारी किया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार दोषियों को फांसी होकर ही रहेगी। वहीं, निर्भया की मां ने अदालत के फैसले पर कहा कि पूरी उम्मीद है कि इस बार चारों को फांसी हो जाएगी।

दरअसल निर्भया गैंगरेप केस में बुधवार को राष्ट्रपति ने चार में से एक दोषी पवन कुमार गुप्ता की दया याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दिल्ली सरकार पटियाला हाउस कोर्ट पहुंच गई, जहां पर बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने इसके बाद चारों दोषियों को फांसी की नई तारीख का डेथ वारंट जारी कर दिया। डेथ वारंट के मुताबिक चारों दोषियों को आगामी 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।

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इस मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन ने पटियाला हाउस कोर्ट को लिखित अर्जी देकर बताया कि राष्ट्रपति ने पवन गुप्ता की अर्जी खारिज कर दी है, जिसके बाद बीते 2 मार्च को डेथ वारंट पर लगाए गए स्टे की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए अपील की जाती है कि चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी किया जाए।

वहीं, बृहस्पतिवार को निर्भया की मां ने कहा, "आज फिर नया डेथ वॉरंट जारी किया गया है। दोषियों के सारे कानूनी विकल्प अब खत्म हो चुके हैं। आज अदालत ने चौथी बार डेथ वॉरंट जारी किया है और मुझे उम्मीद है कि यह फाइनल हो। इसी दिन (20 मार्च) इन दोषियों को फांसी दी जाए और निर्भया को इंसाफ मिले। हर चीज का एक अंत होता है और उनके कानूनी विकल्पों का अंत हो गया है। जब तक उनकी फांसी नहीं होती है, हम हर पल लड़ाई के लिए तैयार हैं।"

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को इस मामले में एक के बाद एक कई आदेश सामने आए। सबसे अंत में पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट की तामील करने के अपने फैसले पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी। सोमवार को अदालत ने तीसरी बार डेथ वारंट पर रोक लगाई थी।

इससे पहले सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया केस के चारों दोषियों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश की मंगलवार 3 मार्च सुबह 6 बजे होने वाली फांसी पर रोक लगा दी थी। अदालत ने डेथ वारंट पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी। अदालत ने टिप्पणी कि थी दोषी को उपलब्ध सभी विकल्पों के इस्तेमाल की आजादी है।

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अदालत ने यह फैसला दोषी पवन कुमार गुप्ता के वकील एपी सिंह द्वारा दाखिल की गई अर्जी के बाद सुनाया था। एपी सिंह ने सोमवार दोपहर पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा डेथ वारंट को बरकरार रखे जाने के आदेश के बाद याचिका दाखिल की थी, कि जब दोषी की दया याचिका फिलहाल राष्ट्रपति के पास गई है तो कैसे फांसी दी जा सकती है। अदालत ने बाद में मामले की सुनवाई करते हुए फांसी देने के अपने आदेश पर रोक लगा दी।

वहीं, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की पांच जस्टिस की संविधान पीठ ने पवन कुमार गुप्ता द्वारा दायर क्यूरेटिव पेटिशन को खारिज कर दिया। इस संबंध में जारी आदेश में जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा, "मौखिक सुनवाई के एक आवेदन को खारिज कर दिया गया है। सजा-ए-मौत के लिए फांसी देने पर रोक लगाने की याचिका भी खारिज कर दी गई। जबकि हस्ताक्षर किए गए आदेश के लिहाज से क्यूरेटिव पेटिशन भी खारिज कर दी गई।"

इसके बाद दोषी पवन कुमार गुप्ता के वकील एपी सिंह ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका दाखिल की और बुधवार को राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज कर दी।

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दरअसल बीते शुक्रवार को पवन कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल कर फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की थी। निर्भया केस में पवन चार दोषियों में से एक है।

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले बाकी तीनों दोषियों अक्षय, विनय और मुकेश की क्यूरेटिव पेटिशन खारिज कर चुके हैं। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई की तारीख 5 मार्च तय कर रखी है। इस याचिका में अदालत ने निर्भया केस के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने से जुड़े निर्देश देने की मांग की गई है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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