निर्भया केसः SC ने तिहाड़ को दिया नए डेथ वारंट लाने का अधिकार, फांसी पर 13 को सुनवाई

  • Nirbhaya Case सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला
  • नए Death Warrant के लिए निचली अदालत में करें अपील
  • अलग-अलग या एक साथ फांसी पर 13 को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस ( Nirbhaya Gangrape Case ) में लगातार नए मोड़ सामने आ रहे हैं। निर्भया के चारों दोषियों को एक साथ फांसी देने के हाईकोर्ट ( High Court ) के आदेश के खिलाफ केंद्र और दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने नोटिस जारी किया है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका के लंबित रहने का ट्रायल कोर्ट से डेथ वारंट ( death Warrant ) जारी होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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केंद्र सरकार ने दायर याचिका में कहा था कि अलग-अलग फांसी होना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा फांसी एक साथ ही होगी। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को इजाजत दी कि वो फांसी की नई तारीख के लिए ट्रायल कोर्ट से गुहार लगाए।

सुप्रीम कोर्ट में 13 फरवरी को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि निर्भया के चारों दोषियों को अलग-अलग फांसी पर लटकाया जाएगा या एक साथ इस पर 13 फरवरी को सुनवाई करेगा।

सुनवाई में जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि अगर किसी की दया याचिका लंबित नही है, तो आप डेथ वारंट जारी करने की मांग कर सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई दया याचिका दाखिल नही कर रहा है तो आप उसपर दबाव नहीं बना सकते।

सुनवाई के दौरान जस्टिस भूषण ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि जब आपका चार्ट यह दर्शा रहा है कि तीन दया याचिका खारिज हुई है और दोषी पवन गुप्ता ने अभी दया याचिका दायर नहीं की है। ऐसे क्यों नया डेथ वारंट जारी करने के लिए याचिका दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में निर्भया के दोषियों को कानूनी विकल्प अपनाने के लिए दी गई 1 सप्ताह की समय सीमा समाप्त होने पर तिहाड़ जेल अथॉरिटी को नया डेथ वारंट जारी कराने के लिए ट्रायल कोर्ट में अर्जी देने की छूट दी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका पर चारों दोषियों को नोटिस जारी किया है।

निर्भया की मां को इंतजार
कोर्ट से मिल रही तारीख पर तारीख को लेकर निर्भया की मां का सब्र का बांध भी टूट गया। निर्भया की मां ने कहा कि दोषी लगातार कानून का विकल्प लेकर बचते आ रहे हैं। पवन ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर नहीं की है तो फिर नया डेथ वारंट जारी क्यों नहीं किया जाता।

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धीरज शर्मा Reporting
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