अब रेलवे कर्मचारियों ने भी की "वन रैंक वन पेंशन" की मांग

अब रेलवे कर्मचारियों ने भी की
Railway employees demand OROP

सेना के जवानों के बाद अब रेलवे कर्मचारियों ने भी वन रैंक वन पेंशन की मांग शुरू कर दी है

नई दिल्ली। सेना के जवानों के बाद अब रेलवे कर्मचारियों ने भी वन रैंक वन पेंशन की मांग शुरू कर दी है। उनका कहना है कि उनके साथ भी सैन्‍य कर्मियों जैसा व्‍यवहार किया जाए क्‍योंकि वे सभी भी देश की सेवा के लिए समर्पित रहते हैं। ऑल इंडिया रेलवेमेन्‍स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के लिए वन रैंक वन पेंशन मुद्दे पर सातवें वेतन आयोग के समक्ष चर्चा की गई थी और अब हम इस मुद्दें को दोबारा उठाएंगे। वर्तमान में रेलवे में 13.26 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।

मिश्रा ने कहा कि रेलवेमेन पूरे समर्पण के साथ राष्‍ट्र सेवा में लगे हुए हैं। रेलवे देश की लाइफ लाइन है। यहां कर्मचारी 24 घंटे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य कर्मियों को वन रैंक वन पेंशन मिलना चाहिए और यही फॉर्मूला रेलवे कर्मचारियों पर भी लागू होना चाहिए।

उन्‍होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र के हमारे भाइयों को यह सुविधा जल्‍द से जल्‍द मिलनी चाहिए, लेकिन इसका फायदा हमें भी मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले के भाषण से निराश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को वन रैंक वन पेंशन पर जरूर कुछ बोलना चाहिए था।

हमें इस मुद्दें को लेकर कुछ घोषणा होने की बहुत उम्‍मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। पीएम मोदी ने अपने स्‍वतंत्रा दिवस भाषण में कहा कि सरकार वन रैंक वन पेंशन की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्‍वीकार कर चुकी है लेकिन यह बहुता पुराना लंबित मामला है और इस पर बातचीत चल रही है, जो कि अंतिम चरण में है।
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