मैजेंटा लाइन से DMRC को हुआ फायदा, पिछले 3 महीने में तेजी से बढ़ी यात्रियों की संख्या

DMRC ने ये जानकारी एक अंग्रेजी अखबार के द्वारा लगाई गई RTI के जवाब के तहत दी है।

नई दिल्ली: पिछले कुछ महीनों को अगर देखा जाए तो दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि जब मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी की गई थी तो यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। ताजा आंकड़े DMRC ने एक आरटीआई के जवाब में जारी किए हैं।

मैजेंटा लाइन के बाद बढ़ी यात्रियों की संख्या
DMRC ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि पिछले साल अक्टूबर में यात्रियों की औसत संख्या में गिरावट आने के बाद अब तेजी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। DMRC ने बताया है कि फरवरी में मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 27 लाख के करीब रही है। DMRC के इस जवाब में कहा गया है कि जब से मैजेंटा लाइन का एक कॉरिडोर शुरू किया गया है, तब से यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। मैजेंटा लाइन का पहला कॉरिडोर कालकाजी से बॉटेनिकल गार्डन के बीच शुरू किया गया है।

पिंक लाइन के खुलने से भी होगा फायदा
DMRC ने कहा है कि पिंक लाइन के भी शुरू हो जाने के बाद अब यात्रियों में और इजाफा होगा, क्योंकि पिंक लाइन के एक हिस्से के खुलने से इंटरचेंज वाले स्टेशनों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। डीएमआरसी ने एक बयान में कहा, ‘दिसंबर 2017 में (रोजाना औसत) यात्रियों की संख्या 25.64 लाख थी जो जनवरी 2018 में बढ़कर 26.85 लाख हो गई।

औसतन रोजाना 80,000 यात्रियों का हुआ है इजाफा
वहीं बात करें फरवरी में दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या की तो ये आंकड़ा आंकड़ों 26.98 लाख का आंकड़ा छू गया।’ एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच नये इंटरचेंज स्टेशनों से लोगों को विकल्प मिलेगा और दिल्ली-एनसीआर में एक जगह से दूसरी जगह जाने की सहूलियत बढ़ने के साथ ही रास्ता आसान हो जाएगा। डीएमआरसी ने एक बयान में कहा कि यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ फरवरी में औसतन 80,000 यात्रियों का इजाफा हुआ है। दिल्ली मेट्रो में अक्टूबर 2017 में रोजाना औसतन यात्रियों की संख्या 24.2 लाख थी।

2016 के मुकाबले 2017 में घटी है यात्रियों की संख्या
इसके अलावा 2016 की तुलना में दिल्ली मेट्रो ने 2017 में लगभग 26 लाख यात्रियों की संख्या में कमी आई है। इस साल फरवरी में यात्रियों की संख्या 236 मिलियन और 244 मिलियन रही थी। वहीं 2016 में किराये बढ़ने से पहले यात्रियों की संख्या 276 मिलियन और 293 मिलियन थी।

Kapil Tiwari
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