हजरत निजामुद्दीन की दरगाह में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश की मांग, हाई कोर्ट में डाली गई याचिका

दरगाह के बाहर हिंदी और अंग्रेजी में नोटिस लगा है कि दरगाह में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति नहीं है।

नई दिल्ली। केरल के समरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मामला अभी सुलझा नहीं था कि अब एक और ऐसा ही नया मुद्दा सामने उठता दिख रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय में कानून की कुछ छात्रों ने याचिका डालकर यहां के हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश की मांग की है।

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कानून की छात्रों ने हाई कोर्ट में डाली याचिका

छात्रों ने अपनी याचिका में कोर्ट से केंद्र और अन्य प्राधिकारों को इस दिशा में निर्देश देने को कहा है। इस जनहित याचिका में उन्होंने दावा किया कि दरगाह के बाहर हिंदी और अंग्रेजी में नोटिस लगा है कि महिलाओं के प्रवेश की अनुमति नहीं है। याचिका में कहा है कि इस बारें में हमने दिल्ली पुलिस सहित कई प्राधिकारों से आग्रह किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है।

क्या कहा गया याचिका में

याचिका में कोर्ट से मांग करते हुए दिल्ली की कानून की छात्राओं ने केंद्र, दिल्ली सरकार, पुलिस और दरगाह का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट को निर्देश देने को कहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश तय किए जाएं और महिलाओं के प्रवेश की अनुमति पर रोक को असंवैधानिक घोषित करार दिया जाए।

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सबरीमला में प्रवेश पर अटका पेंच

गौरलतब है कि केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अनुमती दे दी है, लेकिन अब भी महिलाओं के एंट्री को लेकर वहां पेंच फंसा हुआ है। वहां के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का निर्देश मानने से इंनकार कर दिया है। हिन्दूवादी संगठन लगातार कोर्ट के फैसले का विरोध कर रही है।

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Shivani Singh
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