शतक पार करने को बेकरार पेट्रोल! महाराष्ट्र के परभणी में कीमत 90 रूपए प्रति लीटर

शतक पार करने को बेकरार पेट्रोल! महाराष्ट्र के परभणी में कीमत 90 रूपए प्रति लीटर

देशभर में पेट्रोल की कीमतों को लेकर जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है, लेकिन अभी भी देश का एक हिस्सा ऐसा है जहां पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक है।

नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बेतहाशा बढ़ रही कीमतों और डॉलर के मुकाबले रूपए की गिरावट के विरोध में भारत बंद का मिलाजुला असर दिखा। सबसे ज्यादा हिंसा की खबरें बिहार और उसके बाद महाराष्ट्र में देखने को मिली। सोमवार को बंद के बीच भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई कमी नहीं दिखी। इसी बीच महाराष्ट्र के परभणी में सोमवार को पेट्रोल का दाम बढ़कर 89.97 रुपए प्रति लीटर रही, जो कि देश में सबसे अधिक है। बता दें कि पेट्रोल पर सबसे अधिक वैट महाराष्ट्र में ही वसूला जाता है।

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महाराष्ट्र में पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा

परभणी जिला पेट्रोल डीजल संघ (पीडीपीडीए) के अध्यक्ष संजय देशमुख ने बताया कि सोमवार को पेट्रोल की कीमत जहां 90 रुपए प्रति लीटर के मनोवैज्ञानिक स्तर को छूने वाली है, वहीं डीजल की कीमत सोमवार को 77.92 रुपये प्रति लीटर रही। ईंधन की सर्वाधिक कीमत वाले अन्य क्षेत्रों में नांदेड़ में पेट्रोल 89.78 रुपये प्रति लीटर और डीजल 77.75 रुपये प्रति लीटर रही, जबकि अमरावती में क्रमश: 89.46 रुपए प्रति लीटर तथा 78.69 रुपए प्रति लीटर रही। ऑल इंडिया पेट्रोल डीलर्स संघ के मुताबिक, महाराष्ट्र के ठाणे में पेट्रोल की कीमत 88.29 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 77.49 रुपये प्रति लीटर की दर से बेची गई, जबकि मुंबई में पेट्रोल 88.21 रुपये और डीजल 77.41 रुपये प्रति लीटर की कीमत पर बेची गई।

आंध्र सरकार ने घटाए वैट

वहीं पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम जनता को राहत पहुंचाने के प्रयास में आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार को राज्य में पेट्रोल और डीजल पर वैट (मूल्य वर्धित कर) में दो रुपए प्रति लीटर की कमी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में घोषणा की कि यह निर्णय मंगलवार से लागू होगा। आंध्र प्रदेश पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट वसूलने वाले राज्यों में तीसरे नंबर पर है और डीजल पर सर्वाधिक वैट वसूलने में पहले नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल पर 35.77 फीसदी और डीजल पर 28.08 फीसदी वैट वसूला जाता है। तो दूसरी ओर सत्ताधारी भारतीय जनता दल का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि 'क्षणिक परेशानी' है, जो कि अंतर्राष्ट्रीय संकट के कारण उत्पन्न हुई है।

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