COVID-19: Chennai के हॉस्पिटल में मरीज के बगल में पड़ी लाश की तस्वीर VIRAL, जानें क्या है पूरा मामला?

  • COVID-19: हॉस्पिटल में मरीज के बगल में पड़ी लाश की तस्वीर VIRAL
  • तस्वीर वायरल होने के बाद Stanley Government Medical College Hospital में मचा हड़कंप
  • चांज में ये बात आई सामने

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) को लेकर इन दिनों पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा तीन लाख चालीस हजार के पार पहुंच चुका है। वहीं, 11,903 लोगों की मौत हो चुकी है। आलम ये है कि स्वास्थ्य महकमा इस महामारी ( COVID-19 ) के खिलाफ जंग लड़ रही है। इसी बीच चेन्नई ( Chennai ) के एक हॉस्पिटल से ऐसी तस्वीर वायरल ( Dead Body photo Viral ) हुई है, जो चर्चा का विषय बन चुका है और अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

तस्वीर वायरल होने पर मचा हड़कंप

The Hindu के मुताबिक, स्टेनली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ( Stanley Government Medical College Hospital ) में COVID-19 वार्ड की एक तस्वीर वायरल ( viral photo ) हुई है। इस वायरल तस्वीर में एक मरीज के बगल में पैक की हुई डेड बॉडी ( Dead Body ) रखी है। जैसे ही यह तस्वीर वायरल हुई स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दे दिए। हालांकि, जांच में कहा गया है कि यह तस्वीर पहले ही ली गई थी, प्रोटोकॉल के अनुसार पैक किया गया और दफनाने के लिए हटा दिया गया था।

Corona से हुई थी मौत

रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि एक 65 वर्षीय मरीज, जो COVID-19 पॉजिटिव था 13 जून को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। डेड बॉडी को कोरोना प्रोटोकॉल ( corona protocol ) के अनुसार पैक किया गया था और शवगृह ( Mortuary ) में शिफ्ट होने से पहले रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर की मंजूरी के लिए बेड पर रखा गया था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि वार्ड में मौजूद एक अन्य COVID-19 मरीज ने अपने मोबाइल फोन से यह फोटो क्लिक की और अपने जानने वालों में इसे शेयर कर दिया। आरोप है कि पैक्ड बॉडी आठ घंटे तक बिस्तर पर पड़ी रही, जबकि दूसरे मरीज बगल के बेड में पड़े थे। यह तस्वीर जब तेजी से वायरल हुई तो हॉस्पिटल के डीन पी बालाजी (P Balaji ) ने जनरल सर्जरी विभाग के प्रमुख टी शिवकुमार ( T Shivkumar ) के नेतृत्व में एक टीम द्वारा जांच के आदेश दे दिए।

सामने आई ये सच्चाई

टीम ने मंगलवार को एक जांच की और एक घंटे में ही अपनी रिपोर्ट सौंप दी। जांच में पाया गया कि सोमवार को सुबह 8 बजे मरीज की मृत्यु हो गई थी और कोरोना के कारण मौत की पुष्टि होने के बाद शरीर के चारों ओर एक स्क्रीन लगा दी गई थी। जांच में पाया गया कि लगभग दो घंटे में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई और डेड बॉडी को शवगृह में शिफ्ट कर दिया गया। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि यह तस्वीर उस वक्त क्लिक की गई होगी, जब आसपास के स्क्रीन को हटा दिया गया था और डेड बॉडी को शवगृह में ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीजों के परिजनों को भी सूचना दी गई और शाम साढ़े पांच बजे कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उसका अंतिम संस्कार किया गया था। साथ ही ये दावा किया गया है कि जिस मरीज के बगल में डेड बॉडी रखा गया था, उसका इलाज चल रहा था वह झूठा था। हालांकि, इस पूरे मामले ने एक विवाद खड़ा कर दिया और कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं।

Kaushlendra Pathak
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