
कॉल ड्रॉप की समस्या से दो चार हुए पीएम मोदी, दूरसंचार विभाग को तत्काल समाधान खोजने के दिए निर्देश
नई दिल्ली। कॉल ड्रॉप एक ऐसी समस्या है, जिससे हम और आप रोजाना दो चार होते हैं। आम जनता इस समस्या को रोज ही झेलती है, लेकिन सोचिए जब देश के प्रधानमंत्री को भी इस समस्या का सामना करना पड़े तो क्या हो। ऐसा ही कुछ हुआ पीएम मोदी के साथ। जब वह दिल्ली हवाई अड्डे से अपने आधिकारिक निवास जा रहे थे। इस दौरान उन्हें कॉल ड्रॉप की समस्या का सामना करना पड़ा। पीएम मोदी ने दूरसंचार विभाग से इसकी शिकायक करते हुए समस्या का जल्द ही समाधान खोजने के निर्देश दिए हैं।
पीएम ने दूरसंचरा विभाग से कहा कि वह सुनिश्चित करें की मोबाइल उपभोक्ता को इस संबंध में उच्च स्तर पर सेवाएं दी जाए ताकि उन्हें कॉल ड्रॉप जैसी समस्या का सामना करना ना पड़े। बता दें कि कॉल ड्रॉप समस्या को लेकर पीएम मोदी की यह टिप्पणी हर महीने ‘प्रगति’ पहल के अंर्तगत शीर्ष सचिवों के साथ होने वाली मासिक वेब-आधारित कार्यक्रम के दौरान आई। कार्यक्रम में टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदराजन ने विभाग के पास आने वाली कई समस्याओं का जिक्र किया था, जिसमें कॉल ड्रॉप की बात भी शामिल थी।
तत्काल समस्या का हल खोजा जाए
एक अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी ने शिकायत करते हुए बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही कॉल डॉप की समस्या होने लगती है। बात करते-कतरे ही फोन कट जाता है और बार-बार फोन करना पड़ता है। अधिकारी ने बताया, 'इसे लेकर पीएम मोदी ने कहा कि पीड़ित उपभोक्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली इस समस्या का हल ढूंढने की तत्काल आवश्यकता है।'
तीन कॉल ड्रॉप पर एक रूपए का जुर्माना
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने दूरसंचार सचिव से पूछा कि कॉल ड्रॉप होने पर दूरसंचार ऑपरेटरों पर कितना जुर्माना लगाया गया है। इसके जवाब में दूरसंचार सचिव सुंदरजन ने कहा, 'तीन कॉल ड्रॉप होने पर एक रुपए चार्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि दूरसंचार नियामक टीआरएआई ने गुणवत्ता सेवा (क्यूओएस) मानदंड बनाया है, जिसमें खराब नेटवर्क जैसी सेवाओं में कमी के लिए उच्च दंड का प्रावधान है।
मोबाइल उपभोक्ता को उच्च स्तर की संतुष्टि प्रदान की जाए
वहीं, इस संबंध में पीएमओ की ओर से जारी एक बयान में बताया गया, 'प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र से संबंधित मुद्दों का समाधान नवीनतम तकनीकी पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवा प्रदाताओं को उच्च स्तर की उपभोक्ता संतुष्टि प्रदान करनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने दूरसंचार विभाग से सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल फोन नेटवर्क से संबंधित मुद्दों के समाधान खोजने के लिए कहा है। मोदी ने सुझाव दिया कि भारत की असाधारण स्थिति पर विचार करने और ऐसे तकनीकी समाधान की लंबी अवधि की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए एक रास्ता तलाशने की जरूरत है।
Published on:
27 Sept 2018 09:50 am
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