पीएम मोदी के जनता कर्फ्यू पर बोले पूर्व स्वास्थ्य सचिव, खतरा गंभीर है

  • जब तक यह खतरा नहीं टले, तब तक अकेलेपन में रहना चाहिए।
  • इतना गंभीर खतरा है तो सावधानी भी इसके अनुकूल बरतनी होगी।
  • सुनिश्चित करना होगा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन बनकर नहीं रह जाए।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में देशवासियों से कुछ सप्ताह का वक्त और साथ मांगने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात आगामी रविवार 22 मार्च को देश में जनता कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। इस बारे में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पीएम के इस आह्वान के संबंध में कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन बनकर ना रह जाए।

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पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव केशव देसीराजू ने कहा, "प्रधानमंत्री ने सिर्फ एक दिन के जनता कर्फ्यू के लिए ही नहीं कहा है, बल्कि अभी से लोगों को आपस में दूरी बनाए रखने यानी सोशल डिस्टैंसिंग के लिए कहा है। जनता कर्फ्यू लोगों को प्रेरित करने का एक तरीका है कि वे इन दिनों अधिक से अधिक घर में रहने की आदत डाल सकें।"

उन्होंने आगे कहा, "बिना जरूरी या कम जरूरी काम के लिए घरों से निकलना रविवार को सबसे ज्यादा होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं निकाला जाए कि सोमवार से लोग खूब बाहर निकलने लगें। बल्कि जब तक यह खतरा नहीं टले, तब तक अकेलेपन में रहना चाहिए।"

देसीराजू ने कहा, "पूरे देश के लोग एक साथ एकजुट हो कर प्रयास करेंगे तो इसका प्रभाव काफी अधिक होगा। अब देखना है कि लोग इस पर कितना अमल करते हैं। मुझे उम्मीद है कि लोग इसका पालन करेंगे। सिर्फ एक दिन ऐसा करना पर्याप्त नहीं होगा। इतना गंभीर खतरा है तो सावधानी भी इसके अनुकूल बरतनी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन बन कर नहीं रह जाए।"

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गौरतलब है कि पीएम मोदी न? कोरोना वायरस ? के बचाव को लेकर गुरुवार को कहा कि रविवार 22 मार्च को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक 'जनता कर्फ्यू' लागू होगा। सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना होगा। सभी से अपील है कि कोई भी जनता कर्फ्यू के समय घरों से बाहर न निकले। मैं सभी राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वो इस कर्फ्यू का पालन कराएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, "हमें 22 मार्च को सुबह से शाम तक जनता कर्फ्यू लागू करना होगा। हमें अनुशासन के साथ इस कर्फ्यू को सफल बनाना होगा। हम इसी तरह इस महामारी का सामना कर सकते हैं। हम इसके बाद शाम को पांच बजे ऐसे सभी लोगों का ताली बजाकर, थाली बजाकर, घंटी बजाकर ऐसे सभी लोगों का धन्यवाद करेंगे, जो जनता कर्फ्यू में उनके साथ थे।"

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मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा विश्व इस समय संकट में फंसा है। आमतौर पर जब कभी प्राकृतिक संकट आता है तो वह कुछ देशों में आता है। इस बार ऐसा संकट है जिसने विश्व भर में पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "जब प्रथम, द्वितीय विश्व युद्ध हुआ तब भी इतने देश युद्ध से प्रभावित नहीं हुए थे, जितने आज कोरोना से हुए हैं। पिछले दो महीने से हम निरंतर दुनिया भर से आ रहे कोरोना वायरस से जुडी चिंताजनक खबरें देख और सुन रहे हैं। इन दोनों महीनों में भारत के 130 करोड़ नागरिकों ने कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है। सभी देशवासियों को आवश्यक सावधानियां बरतने का भरसक प्रयास भी किया है। लेकिन बीते कुछ दिनों से ऐसा माहौल बन रहा है, ऐसा लग रहा है कि जैसे हम संकट से बचे हुए हैं।"

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अमित कुमार बाजपेयी
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