अंडमान निकोबार: पीएम मोदी ने बदले तीन द्वीपों के नाम, सावरकर की जेल कोठरी में लगाया ध्यान

अंडमान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास कार्यों की आधरशिला रखी।

 

पोर्ट ब्लेयर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंडमान निकोबार दौरे पर हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कई परियोजनाओं की हरी झंडी दिखाई। वहीं पीएम मोदी ने रॉस आइलैंड, नील आइलैंड और हैवलॉक आइलैंड का नाम बदल दिया । पीएम मोदी ने कहा कि रॉस आइलैंड का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक आईलैंड को स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाएगा। पोर्ट ब्लेयर में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि मेरे लिए भारत मेनलैंड है। जैसे दिल्ली, मुंबई है वैसे ही अंडमान निकोबार है। इस दौरान पीएम मोदी ने वीर सावरकर के कोठरी में जाकर वहां ध्यान लगाया। करीब 5 मिनट तक पीएम यहां ध्यान मुद्रा में बैठे रहे।

 

कई परियोजनाओं की सौगात

इस दौरान पीएम ने कहा कि जब आजादी ने नायकों की बात आती है, तो नेताजी का नाम हमें गौरव और नई ऊर्जा से भर देता है। आजाद हिंद सरकार के पहले प्रधानमंत्री सुभाष बाबू ने अंडमान की इस धरती को भारत की आजादी की संकल्प भूमि बनाया था। आजाद हिंद फौज ने यहां आजादी का तिरंगा फहराया था। अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में हाई स्पीड इंटरनेट सेवाएं दी जाएगी। पीएम मोदी ने अंडमान-निकोबार को डीम्ड यूनिवर्सिटी का तोहफा दिया। पोर्ट ब्लेयर में पीएम मोदी ने कहा, 'यहां बिजली और पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। अगले 20 साल के लिए पानी की समस्या न हो, इसके लिए धानीकारी बांध की ऊंचाई बढ़ाने पर काम चल रहा है और बीते 6 महीने में ही यहां 7 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट्स को मंजूरी दी जा चुकी है।

विकास का मंत्र

इस दौरान नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में विकास की पंचधारा का मंत्र दिया। बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई का जिक्र करते हुए पीएम ने , 'ये पांच बातें सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर ईमानदार प्रयास कर रही है और यहां किए गए योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी इसी सोच से जुड़ी हुई हैं।

75 साल बाद फहराया गया तिरंगा

दरअसल, 30 दिसंबर 1943 को नेताजी ने दूसरे विश्व युद्ध में जापानियों द्वारा इन द्वीपों पर कब्जा किए जाने के बाद यहां पहली बार तिरंगा फहराया था। तब उन्होंने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर शहीद और स्वराज द्वीप करने का सुझाव दिया था। इस दिन की याद में पीएम मोदी ने 75 साल बाद 150 फुट ऊंचा झंडा फहराया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान निकोबार में 2004 की सुनामी में जान गंवाने वालों को श्रद्घांजलि दी। नेताजी की याद में पीएम मोदी एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।

पीएम ने की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस दौरे पर अंडमान निकोबार द्वीपसमूह को कई सौगात दी। बता दें कि किसानों के लिए भी पीएम मोदी ने घोषणाएं की। उन्होंने कोपरा के एमएसपी में दो हजार रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इसके साथ ही मिलिंग कोपरा का एमएसपी 7511 से 9525 हो गया है। साथ ही बॉल कोपरा का एमएसपी 7750 से बढ़कर 9920 हो गया है। पीएम ने कहा कि कार-निकोबार में कैंबल-बे में करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से कैंबल-बे जेट्टी का विस्तार करीब डेढ़ सौ किलोमीटर तक किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मूस जेट्टी की गहराई बढ़ाने का भी फैसला किया गया है। बता दें कि गहराई बढ़ने से बढ़े-बढ़े जहाजों के आवागमन और ठहरने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। ‘वॉल ऑफ लोस्ट सोल्स’ में एक स्मारक की नींव रखी।
युवाओं को मिलेंगे अवसर
बता दें कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अंडमान-निकोबार के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। निकोबार के युवाओं के पास प्रकृति का अद्भुत खज़ाना तो है ही, आपकी संस्कृति, परंपरा, कला और कौशल भी बेहतरीन है। उन्होंने आगे कहा कि अंडमान-निकोबार में पंचधारा (बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों को सिंचाई, जन-जन की सुनवाई) बहे इसके लिए सरकार काम कर रही है। इसके अलावे सरकार लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने के लिए कई काम कर रही है जिसमें सस्ता राशन हो, स्वच्छ पानी हो, गैस कनेक्शन हो, केरोसिन हो आदि शामिल है।

Prashant Jha
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