क्या ओला और उबर जैसी कंपनियों को लाभ देने के लिए बढ़ाया गया दिल्ली मेट्रो का किराया?

आम आदमी पार्टी ने मेट्रो किराए में बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रस्ताव पारित किया।

नई दिल्ली। मेट्रो किराए में बढ़ोत्तरी से एक दिन पहले सोमवार को दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इस सत्र में आम आदमी पार्टी ने मेट्रो किराए में बढ़ोत्तरी के विरोध में प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सदन में बीजेपी विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। आम आदमी पार्टी की ओर से विधायक अनिल वाजपेयी ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में कहा गया कि ये मेट्रो का बढ़ा हुआ किराया दिल्ली की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। वहीं डीएमआरसी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ओला और उबर जैसी टैक्सी कंपनियों को लाभ देने के लिए ये कदम उठाया गया है, लेकिन आप सरकार ऐसा नहीं होने देगी।

बीजेपी विधायकों को मार्शल की मदद से किया गया बाहर
वहीं इस प्रस्ताव के दौरान बीजेपी विधायक ओपी शर्मा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने जमकर हंगामा किया। दोनों विधायक दिल्ली सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट घटाने की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही उनका कहना था कि सीएम केजरीवाल ने विधानसभा में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। कुछ देर में हंगामा इतना बढ़ गया कि विधानसभा स्पीकर ने बीजेपी विधायक ओपी शर्मा और सिरसा को मार्शल की मदद से बाहर करवा दिया।

क्या है दिल्ली सरकार का प्रस्ताव?
दरअसल दिल्ली मेट्रो के संचालन में सालाना डीएमआरसी को 3000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर दिल्ली सरकार इस घाटे की भरपाई कर दे तो मेट्रो के किराए में बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। तो वहीं दूसरी ओर केजरीवाल सरकार का कहना है कि वे 1500 करोड़ रुपये की भरपाई करने को तैयार है। इसके साथ ही उनका कहना है कि बाकी के 1500 करोड़ की भरपाई केंद्र सरकार करे ताकी दिल्ली की जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े। वहीं दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने के बाद डीएमआरसी के अधिकारियों ने भी बैठक की।

ashutosh tiwari
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