पुलवामा आतंकी हमले में चाबी बनी सुराग, इस तरह NIA को मिली कार के मालिक की जानकारी

  • 20 फरवरी को हमलावर कार के बारे में हुआ था खुलासा
  • मेटल डिटेक्टर की मदद से खंगाला गया था घटनास्थल

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले को लेकर एक जानकारी सामने आई है। 14 फरवरी को सीआरपीएफ जवानों के काफिल पर हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। बीते दिनों एजेंसी ने खुलासा किया था कि हमले को अंजाम देने वाली कार का मॉडल 2011 का था। करीब 2500 कारों की जांच के बाद एजेंसी को हमले वाली कार का पता चला था। अब उस सुराग के बारे में पता चला है जिससे ये गुत्थी सुलझी थी।

चाबी बनी सफलता की कुंजी

बताया जा रहा है कि हमल के छह दिन बाद 20 फरवरी को एनआईए की टीम घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची थी। उन्होंने मेटल डिटेक्टर की मदद से धमाके वाली जगह पर 200 मीटर तक जांच किया। यहां टीम को एक चाबी मिली जिसकी मदद से वो कार तक पहुंच पाए। चाबी मिलने के बाद और गहराई से जांच की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि गाड़ी को हमले के 10 दिन पहले सज्जाद भट्ट ने खरीदी थी। भट्ट का काम जैश-ए-मोहम्मद में भर्ती करना है।

आसपास 200 मीटर तक किया जांच

आपको बता दें कि 14 फरवरी की दोपहर को हुआ हमला एक लाल रंग की मारूति ईको की मदद से अंजाम दिया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट में जांचकर्ताओं के हवाले से कहा गया कि कई दिनों तक घटनास्थल को खंगालने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने जांच का दायरा बढ़ाया। जांचकर्ताओं के मुताबिक उन्हें ये अहसास हुआ कि विस्फोट इतना जोरदार था, तो जाहिर है कि इसके अवशेष केवल राजमार्ग के अलावा आसपास के क्षेत्रों में फैले मिल सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने मेटल डिटेक्टर की मदद से 200 मीटर के क्षेत्र को खंगाला और आखिरकार उन्हें वो चाबी मिली, जो सबूत बनी।

इस तरह मिली कामयाबी

बताया जा रहा है कि कार की चाबियों के वाहन पहचान संख्या (वीआईएन) की मदद से हमले वाली कार के बारे में पता चल पाया। इसमें मौजूद 19 अक्षर जो हर कार के लिए अलग होता है, उससे कार के मालिक का पता चला।

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Shweta Singh Content
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