किसानों के प्रदर्शन के चलते छूट गई ट्रेन तो न लें टेंशन, रेलवे लौटाएगा पूरा पैसा

  • किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान भड़की हिंसा के दौरान लोगों को खासी परेशानी पड़ी
  • इस आपाधापी के चलते ट्रेन छूट गई और लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध ( Protest Against Agricultural laws ) में जारी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निकाली गई किसान ट्रैक्टर परेड ( Tractor parade in Delhi ) के दौरान भड़की हिंसा ( delhi violence ) के दौरान लोगों को खासी परेशानी पड़ी। इनमें वो लोग भी शामिल रहे, जिनकी इस आपाधापी के चलते ट्रेन छूट गई और वो अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। दरअसल, किसानों के ट्रैक्टर मार्च और उसके बाद दिल्ली की सड़कों पर हिंसक घटनाओं के चलते रास्ते ब्लॉक हो गए और बहुत से लोग रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच पाए। ऐसे में इन लोगों का खामियाजा भरने के लिए उत्तर रेलवे ( Northern Railway ) ने उनकी टिकटों का पूरा पैसा वापस करने का फैसला किया है।

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किसानों के आंदोलन के चलते अधिकांश मार्ग बंद रहे

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास में किसानों के आंदोलन के चलते अधिकांश मार्ग बंद रहे। यही वजह रही कि बहुत सारे लोग या तो रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच पाए या फिर उनकी ट्रेनें छूट गईं। उत्तर रेलवे ने ऐसे यात्रियों की परेशानी समझते हुए उनको पूरा रिफंड करने का फैसला किया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि आज यानी मंगलवार रात 9 बजे तक जिस किसी यात्री की किसानों के प्रदर्शन की वजह से ट्रेन छूट गई है, उनके नुकसान का ध्यान रखा जाएगा। रेलवे ऐसे यात्रियों के पूरा पैसा लौटाएगा।

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पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा

गणतंत्र दिवस पर आयोजित किसानों की ट्रैक्टर रैली निर्धारित रूटों की सीमा तोड़ कर भीतरी रिंग रोड होते हुए आईटीओ के पास पहुंच गई जहां प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। दिल्ली की सीमाओं पर बीते दो महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों को गणतंत्र किसान परेड निकालने के लिए जो रूट और समय तय किए गए थे उसकी अवहेलना करते हुए किसान समय से पहले टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर लगे बैरीकेड को तोड़ते हुए राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में प्रवेश कर गए।

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गाजीपुर बॉर्डर वाली टुकड़ी आईटीओ की तरफ बढ़ गई

आईटीआई के पास पहुंचे किसानों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। सिंघु बॉर्डर से जो ट्रैक्टर रैली में किसानों की जो टुकड़ी चली थी वह भीतरी रिंगरोड की तरफ बढ़ गई और गाजीपुर बॉर्डर वाली टुकड़ी आईटीओ की तरफ बढ़ गई।

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Mohit sharma
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