Railways का बिहार और यूपीवालों को तोहफा! कंफर्म नहीं हुई टिकट तो Clone Trains में​ मिलेगी सीट

  • Clone Trains : त्योहारों पर चलाई गई स्पेशल ट्रेनों में टिकट कंफर्म न होने पर क्लोन ट्रेन में कर सकते हैं सफर
  • पूरी एसी कोच वाली होगी क्लोन ट्रेन, वेटिंग लिस्ट लंबी होने पर ऐसी ट्रेनों में मिल सकती है जगह

By: Soma Roy

Published: 06 Nov 2020, 05:16 PM IST

नई दिल्ली। फेस्टिव सीजन (Festive Special Trains) के आते ही भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के चलते भारी संख्या में पैसेंजर्स अपने घर जा रहे हैं। ऐसे में फेस्टिव स्पेशल ट्रेनों में लोगों की काफी भीड़ है। इसके चलते बहुत से यात्रियों की टिकट कंफर्म नहीं हो पाई है। वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। इसी समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने बड़ा ऐलान किया है। अब वेटिंग लिस्ट वाले यात्री भी आसानी से अपने घर जा सकेंगे। टिकट कंफर्म न होने पर वे क्लोन ट्रेन (Clone Trains) में यात्रा कर सकेंगे। ये सुविधा यूपी और बिहार रूट के पैंसेंजर्स को मिलेगी।

रेलवे के नए आदेश के तहत बिहार (Bihar) और यूपी (UP) जाने वाले यात्रियों के लिए छठ और दिवाली को लेकर क्लोन ट्रेन (Clone Trains) चलाने का ऐलान किया गया है। ऐसे में जिन यात्रियों को ओरिजनल ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं मिल पाई है वे क्लोन ट्रेनों में सफर कर सकेंगे। ये ट्रेनें मुख्य ट्रेन से एक घंटे बाद चलाई जाएंगी।

इन पैसेंजर्स को ज्यादा फायदा
इन क्लोन ट्रेनों के चलने से गाजियाबाद, नोएडा, साहिबाबाद, दादरी और ग्रेटर नोएडा में रहने वालों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। क्योंकि उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली स्टेशन नहीं जाना पड़ेगा। दिवाली और छठ में जाने वाले यात्री अब गाजियाबाद और साहिबाबाद से भी इन क्लोन ट्रेनों को पकड़ सकते हैं। अगर कोई ट्रेन दिल्ली से पटना जाने के लिए 6 बजे शाम को खुलती है और इसमें वेटिंग लंबी है तो आप ट्रेन छूटने के ठीक एक घंटे बाद उस ट्रेन की क्लोन ट्रेन को उस स्टेशन से पकड़ सकते हैं। इसमें आपको आसानी से सीट मिल जाएगी। इन स्पेशल ट्रेनों में 20 ट्रेनें वाया गाजियाबाद होते हुए लखनऊ, पटना, कानपुर और दरभंगा रुट पर चलेंगी. अधिकांश ट्रेनें गाजियाबाद और साहिबाबाद में रुकेंगी

क्या होती हैं क्लोन ट्रेनें
क्लोन ट्रेन किसी भी ओरिजिनल ट्रेन के नाम की डुप्लीकेट रेलगाड़ी होती है। यह ट्रेन ओरिजिनल ट्रेन के रूट पर ही चलती है। ऐसी रेल को बिजी रूटों पर चलाया जाता है जहां पैसेंजर्स की संख्या काफी ज्यादा रहती है। क्लोन ट्र्रेनों की रफ्तार ओरिजिनल ट्रेनों से ज्यादा होती है। क्योंकि ये पूरी ट्रेन 3rd AC वाली होती हैं। इसके स्टॉपेज और हॉल्ट भी ओरिजिनल ट्रेनों के मुकाबले कम होते हैं।

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