रजनीकांत शराब की दुकानें खुलने से नाराज, AIADMK से बोले- रेवेन्यू के लिए और भी हैं विकल्प

Highlight

- रजनीकांत ( Rajnikanth ) ने राज्य में शराब के ठेके ( liquor Shops ) खुलने पर नाराजगी जाहिर की है

- रजनीकांत ने कहा है कि रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सरकार को और तरीके ढूंढने चाहिए

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने 3 मई के बाद लॉकडाउन ( Lockdown ) बढ़ाने के साथ-साथ कई रियायतें भी दी थीं। शराब और पान-गुटखे की दुकानों को खोलना इनमें से ही एक था। लेकिन, शराब के दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) समेत कोविड-19 ( Covid 19 ) के मद्देनजर दी गई सभी जरूरी गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ रही हैं। ठेकों के सामने 1-1.5 किमी की लाइन और ऊपर से धक्कामुक्की के नजारें लगभग हर राज्य से सामने आ रहे हैं, जो इस महामारी के संकट को बढ़ा सकते हैं। इसपर कई विशेषज्ञों ने टिप्पणी की है। सुपरस्टार रजनीकांत भी शराब की दुकानें खुलने से काफी नाराज हैं। उन्होंने राज्य सरकार को इसके चलते चेतावनी भी दे डाली।


'शराब की दुकानें खुलीं तो भूल जाएं सत्ता में वापसी'

रजनीकांत ने एक ट्वीट में तमिलनाडु में शराब की दुकानों को खोलने पर ऐतराज जताया। साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (AIADMK) को चेतावनी दी कि अगर शराब की दुकानें दोबारा खुलीं तो पार्टी को अगले साल के विधानसभा चुनाव में जीतने और सरकार बनाने का सपना नहीं देखना चाहिए।

रेवेन्यू के लिए ढूंढे बेहतर तरीके

रजनीकांत ने अपने ट्वीट में सरकार को यह भी सुझाव दिया कि वे रेवेन्यू के लिए किन्हीं दूसरे ऑप्शन पर काम करें। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके सुधारात्मक उपाय के तौर पर गृह मंत्रालय ने और राज्य सरकारों ने शराब के ठेके खोलने का फैसला किया था। लेकिन, इसके बाद से स्थिति काफी बिगड़ रही है और फिलहाल शराब की होम डिलीवरी की प्रक्रिया को अमल में लाने का प्रयास जारी है।

मद्रास हाईकोर्ट ने बंद कराई शराब की दुकानें

तमिलनाडु में मद्रास हाईकोर्ट ने शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला सुनाया था। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। तमिलनाडु सरकार के इस कदम के बाद रजनीकांत ने यह टिप्पणी की। रजनीकांत ने लिखा कि,'कृपया रेवेन्यू के लिए बेहतर रास्ता खोजें।'

सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार का तर्क

शराब की दुकानों पर गाइडलाइन्स की धज्जियां उड़ते देख मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य में शराब की दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने शनिवार को रेवेन्यू और कमर्शियल एक्टिविटी में गंभीर नुकसान का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से इस फैसले को वापस लेने की अपील की थी।

Show More
Kapil Tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned