बड़ा विवादः राजीव धवन ने जस्टिस यूयू ललित के मौजूदगी पर उठाया सवाल, पीठ से हुए अलग

बड़ा विवादः राजीव धवन ने जस्टिस यूयू ललित के मौजूदगी पर उठाया सवाल, पीठ से हुए अलग

Dhiraj Kumar Sharma | Publish: Jan, 10 2019 11:49:11 AM (IST) | Updated: Jan, 10 2019 03:39:06 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

बड़ा विवादः राजीव धवन ने जस्टिस यूयू ललित के मौजूदगी पर उठाया सवाल, पीठ से हुए अलग

नई दिल्ली। राम मंदिर जमीन विवाद को लेकर शुरू सुनवाई एक बड़े विवाद में बदल गई। दरअसल गुरुवार को तय समय के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होना थी। इस दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बेंच में न्यायधीश उदय उमेश ललित के शामिल होने पर सवाल खड़ा कर दिया। उनके इस सवाल को लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया। इस विवाद के बाद यूयू ललित ने संविधान बेंच से खुद को अलग कर लिया। आपको बता दें कि अब सुनवाई के लिए नई बेंच बनेगी।

 

गुरुवार को तय समय पर सुनवाई के लिए बैठी पांच जजों की पीठ ने कहा कि वह आज मामले की सुनवाई नहीं करेगी बल्कि सिर्फ इसकी टाइमलाइन तय करेगी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हम इस मसले पर सुनवाई नहीं करेंगे, बल्कि इसकी समय सीमा तय करेंगे। इस बीच राजीव धवन ने यूयू ललित की मौजूदगी को लेकर एक बड़ी बात कही।


धवन ने कहा कि वह कोर्ट को यह बताना चाहते हैं कि इस मसले के शुरुआती दौर में 1994 में जस्ट‍िस यूयू ललित अदालत की अवमानना के एक मामले में कल्याण सिंह की तरफ से पेश हुए थे। उन्होंने कहा कि ललित अयोध्या विवाद से जुड़े क्रिमिनल केस में कल्याण सिंह के वकील के रूप में पेश हो चुके हैं ऐसे में इस विवाद में उनका मौजूद रहना ठीक नहीं।


उन्होंने कहा, 'मैं यह बताना चाहता हूं, हमें इस मसले की सुनवाई में कोई आपत्ति नहीं है। अब यह पूरी तरह से आपके ऊपर निर्भर है। मुझे खेद है, मैं ऐसा मसला उठाना नहीं चाहता था।'


धवन के कहने के बाद सीजेआई ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, इसमें खेद जताने वाली कोई बात नहीं है। आपने तो बस तथ्य बताया है। हालांकि, यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि जस्टिस यूयू ललित के पीठ में शामिल होने से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इस तरह का मामला उठाने के बाद जस्टिस यूयू ललित ने खुद को इस मसले से अलग कर लिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस बारे में जानकारी दी।

ये उठे सवाल
- संविधान पीठ पर भी उठा सवाल
- 3 जजों की पीठ के पास पहले था ये मामला
- अचानक 5 जजों की पीठ के सामने क्यों आया मामला
- बदलाव को लेकर कोई न्यायिक आदेश जारी नहीं किया गया
धवन के इन सवालों के जवाब में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि संविधान पीठ का गठन और बदलाव सीजेआई यानी चीफ जस्टिस के अधिकार क्षेत्र में है। वो जरूरत के हिसाब से कर सकते हैं।

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