सुप्रीम कोर्ट में 4 जनवरी को राम मंदिर पर सुनवाई, नई बेंच का हो सकता है गठन

बता दें इसी साल अक्टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुद्दे पर सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर तीन मिनट सुनवाई हुई। इस मामले को तीन महीने तक के लिए टाल दिया गया।

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर को लेकर देश की शीर्ष अदालत में शुक्रवार यानी 4 जनवरी को सुनवाई होने जा रही है। साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट पहली बार राम मंदिर पर सुनवाई करने जा रही है। सुनवाई में अयोध्या की जमीन के विवाद पर फैसला होना है। सीजीआई रंजन गोगई और एसके कॉल की बेंच में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में अयोध्या केस के लिए नई बेंच का गठन हो सकता है। बता दें इसी साल अक्टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुद्दे पर सुनवाई हुई थी। उस दौरान कोर्ट ने जनवरी में सुनवाई करने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि के मालिकाना हक विवाद मामले में लगाई गई दीवानी याचिका को अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते तक टाल दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर तीन मिनट सुनवाई हुई। इस मामले को तीन महीने तक के लिए टाल दिया गया।

पीएम ने राम मंदिर पर दिया बड़ा बयान

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर मसले पर सरकार का रूख साफ कर दिया है। साल 2019 के पहले दिन एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही इसपर अध्यादेश लाने पर विचार करेगी। मंदिर का निर्माण संविधान के तहत किया जाएगा।

संघ मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर बना रहा दबाव

गौरतलब है कि आरएसएस लगातार केंद्र सरकार पर मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने का दबाव बना रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत कई बार मोदी सरकार को नसीहत दे चुके हैं। आरएसएस से जुड़े संगठन भी राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। वहीं एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना भी राम मंदिर के लिए अध्यादेश की मांग की है।

 

pm modi Ram Mandir
Prashant Jha
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