आरएसएस के कार्यक्रम में 3 हजार हस्तियों को न्योता, तीन दिन तक राजनेता, धर्मगुरु, समाज सुधारक करेंगे संवाद

आरएसएस के कार्यक्रम में 3 हजार हस्तियों को न्योता, तीन दिन तक राजनेता, धर्मगुरु, समाज सुधारक करेंगे संवाद

आरएसएस ने अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए देश भर की करीब 3,000 हस्तियों को किया आमंत्रित

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ यानी आरएसएस ने भी आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी कमर कस ली है। यही वजह है कि आरएसएस देश में लगातार अपनी पैठ जमाने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रहा है। यही नहीं सोच को व्यापक बनाते हुए अपने कार्यक्रमों में विरोधियों को खास तौर पर जगह देने के कोशिश भी की जा रही है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इसी का हिस्सा रह चुके। अब आरएसएस ने अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी और मायावती समेत देशभर से करीब 3 हजार हस्तियों को न्योता दिया है।

 

आरएसएस के न्योते की सूची
आरएसएस की ओर से आमंत्रित हस्तियों में हर क्षेत्र के लोगों का ध्यान रखा गया है। इनमें राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा राजनीतिक विचारक, सामाजिक और धार्मिक समूहों, अल्पसंख्यक नेताओं समेत रिटायर्ड नौकरशाह भी शामिल होंगे।

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आरएसएस प्रमुख सभी से करेंगे संवाद
आगामी पांच विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव 2019 से पहले आयोजित होने वाला आरएसएस का ये कार्यक्रम भव्य पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। वजह भले ही कुछ ओर हो लेकिन मकसद हस्तियों के जरिये जनता तक पहुंच बढ़ाना है। 17 से 19 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस चीफ मोहन भागवत इन सभी लोगों से संवाद करेंगे।

इन नामों पर रहेगी नजर
'भविष्य का भारत: संघ की दृष्टि' कार्यक्रम में कांग्रेस चीफ राहुल गांधी और पार्टी के लोकसभा में लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे को आमंत्रित किया गया है। यही नहीं अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू समेत तमाम क्षेत्रीय क्षत्रपों को भी आमंत्रित किया गया है। संघ को उम्मीद है कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन 800 से 1000 लोगों तक की उपस्थिति होगी।

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...ताकि न हो कोई विवाद
आरएसएस के इस कार्यक्रम को लेकर जिन लोगों को न्योता भेजा जा रहा है संघ की ओर से उन नामों की आधिकारिक कोई सूची या उन लोगों के नामों का जिक्र नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे वजह यह कि अगर वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं तो उनको लेकर किसी तरह का कोई विवाद पैदा न हो। ऐसे में जिन भी नामों का जिक्र हो रहा है वो कयास हैं। आरएसएस ने न्योता भेजने के लिए उन लोगों की सूची तैयार की है, जो पहले भी संघ के किसी कार्यक्रम का हिस्सा रह चुके हैं। संघ का कहना है कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन इसलिए किया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी विचारधारा से परिचित कराया जा सके।

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