SC में वरिष्‍ठतम न्‍यायाधीश एसए बोबडे होंगे देश के अगले CJI, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

  • सीजेआई रंजन गोगोई के बाद सबसे वरिष्‍ठ न्‍यायाधीश हैं बोबडे
  • लॉ की प्रैक्टिस हाईकोर्ट के नागपुर बेंच से शुरू की थी
  • 2013 में बने सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायाधीश

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट में न्‍यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को मंगलवार को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जानकारी के मुताबिक उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। राष्‍ट्रपति कार्यालय से स्‍वीकृति मिलने के बाद भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश के रूप में नियुक्ति को लेकर जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना भी जारी की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में न्‍यायाधीश एसए बोबडे 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे। न्यायमूर्ति बोबडे 17 महीने के लिए 23 अप्रैल, 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे।

वर्तमान में न्‍यायाधीश एसए बोबडे सीजेआई रंजन गोगोई के बाद उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। परंपरा अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश पत्र लिखकर अपने बाद इस कार्यभार को संभालने वाले न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गोगोई ने 18 अक्तूबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस बोबडे के नाम की सिफारिश की थी।

जानिए कौन हैं न्‍यायाधीश बोबडे
न्‍यायाधीश एसए बोबडे का जन्म 24 अप्रैल, 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल ज्वाइन किया था। उन्‍होंने बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच में लॉ प्रैक्टिस की। 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। उसके बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। 2013 में जस्टिस बोबडे को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया। वह 23 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत होंगे।

Dhirendra Reporting
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