Delhi Ncr में प्रदूषण को लेकर SC सख्त, कहा- चीन और जापान से क्यों नहीं लेते सीख?

  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्‍ली सरकार लगाई फटकार
  • ऑड-ईवन से नहीं पड़ा कोई फर्क
  • स्‍टडी के लिए केंद्र सरकार को मिली मोहलत

नई दिल्‍ली। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर वायु प्रदूषण का डेटा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि एयर क्लीनिंग डिवाइस को लगाने के लिए कितना समय लगेगा? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि चीन ने कैसे किया? हमारी सरकार चीन और जापान से सीख क्‍यों नहीं लेती?

सुप्रीम कोर्ट में एक्सपर्ट ने बताया कि हमारे यहां एक किलोमीटर वाला डिवाइस है। चीन में 10 किलोमीटर तक कवर करता है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आप छोटे इलाके को क्यों कवर करना चाहते हैं। 

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प्रदूषण पर जताई चिंता

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस समय दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 600 को पार कर गया है। घर के कमरों की स्थिति चिंतनीय है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वायु प्रदूषण से हर कोई प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि वायु प्रदूषण को लेकर एक साल की स्टडी की जरूरत पड़ेगी। कोर्ट ने कहा कि इतना समय? केंद्र ने कहा वो कोर्ट में जवाब दाखिल करेंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को समय दिया।

ऑड-ईवन का नहीं पड़ा असर

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि ये बताइए कि ऑड-ईवन से वायु प्रदूषण को लेकर कोई फायदा हुआ है या नहीं? दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा कि 10 अक्टूबर से हवा बेहद खराब हो गईं. कोर्ट ने कहा कि हम इस बात को लेकर चिंतित है कि जब प्रदूषण स्तर अपने चरम पर है और आपने ऑड-ईवन लागू किया है तो इसका क्या असर हुआ है? दिल्ली सरकार का आंकड़ा देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि ऑड-ईवन से प्रदूषण पर कोई असर नहीं पड़ा।

दिल्‍ली पहले की तरह बेदम

कोर्ट ने पूछा पिछली बार जब लागू हुआ तो कितना प्रदूषण कम हुआ था? कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा जब पिछले साल ऑड ईवन नहीं लागू हुआ था तो प्रदूषण का स्तर क्या था? सुप्रीम कोर्ट ने डेटा को देखकर दिल्ली सरकार से कहा कि पिछले साल ऑड-ईवन लागू नहीं था। इस साल लागू हैा दोनों ही एक जैसे है1

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