राजीव गांधी हत्याकांड: बैटरी के आधार पर आरोपी को बचाने की कोशिश

ashutosh tiwari

Publish: Nov, 14 2017 06:48:00 (IST)

Miscellenous India
राजीव गांधी हत्याकांड: बैटरी के आधार पर आरोपी को बचाने की कोशिश

सीबीआई जांच में रहे तत्कालीन एसपी त्यागराजन ने एक बड़ा खुलासा किया है।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई जांच में रहे तत्कालीन एसपी त्यागराजन ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि जब आरोपी पेरारिवल ने बैटरी खरीदी थी तो उसे ये नहीं पता था कि इन बैटरियों का इस्तेमाल किस चीज में किया जाएगा। उसने ये बैटरियां खरीदीं और सिवरासन को सौंप दी। इस खुलासे के बाद पेरारिवलन ने अपनी सजा को निलंबित करने की मांग की ।

पेरारिवलन के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि लिट्टे के तत्कालीन मुख्य हथियार निर्माता केपी उस समय श्रीलंका की जेल में बंद था। तब जांच एजेंसियों ने आईडी के इस्तेमाल को लेकर उससे पूछताछ क्यों नहीं की, जबकि एक 19 वर्षीय युवक पेरारिवलन से पूछताछ की गई थी जिसने केवल बैटरी लाकर दी थी। वो पिछले 23 सालों से जेल में बंद है।

उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि क्या आप भी तमिलनाडु सरकार की इस मांग से सहमत हैं कि पेरारिवलन की उम्रकैद की सजा को खत्म कर दिया जाए। कोर्ट ने इसका जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को दो हफ्ते का समय दिया। आपको बता दें कि पिछले 23 अगस्त को सीबीआई ने आईईडी के इस्तेमाल के बारे में सीलबंद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। उसके पहले 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर मल्टी डिसिप्लीनरी मानिटरिंग एजेंसी (एमडीएमए) की जांच के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट ने बम बनाने में बड़ी साजिश रचने के एंगल पर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था ।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक दोषी पेरारिवलन से पूछा था कि आप केवल साजिश के एंगल यानि बेल्ट बम के निर्माण और उसकी डिलीवरी की मांग कर रहे हैं, हम उस पर भी विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। पेरारिवलन ने 16 अगस्त को एमडीएमए की जांच में कई गड़बड़ियों से संबंधित रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।

एफआईआर के मुताबिक पेरारिवलन ने 9 वोल्ट की दो बैटरियां बम बनाने के लिए दी थीं। याचिकाकर्ता के वकील पीराबु सुब्रमण्यम ने कहा कि एमडीएमए की जांच उसके खिलाफ लगे आरोपों पर स्थिति स्पष्ट कर देगा । कोर्ट ने कहा कि बम बनाने में साजिश के एंगल का मामला याचिकाकर्ता के लिए दोबारा केस खोल सकता है।

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