वाहनों के लिए कलर-कोडेड स्टिकर दिल्ली सरकार का बड़ा घोटाला, कांग्रेस ने दायर की याचिका

  • दिल्ली कांग्रेस ने वाहनों के लिए कलर-कोडेड स्टिकर में घोटाले का आरोप लगाया।
  • दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की जनहित याचिका।
  • 12.15 रुपये के अनुमन्य शुल्क की जगह 141.60 रुपये वसूले जाने का आरोप।

नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने 'कलर कोडेड स्टिकर' के पीछे दिल्ली सरकार द्वारा घोटाला किए जाने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं चौधरी ने दिल्ली में वाहन मालिकों से केवल 12.15 रुपये का अनुमन्य शुल्क वसूलने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को निर्देश देने वाली जनहित याचिका के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। चौधरी अनिल कुमार ने अपने अधिवक्ताओं सुनील फर्नांडिस, सुनील कुमार और नूपुर कुमार के माध्यम सेजनहित याचिका दायर की है।

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इस याचिका में दिल्ली के परिवहन विभाग द्वारा नवंबर 2020 के महीने में जारी उस नोटिस को चुनौती दी गई है, जो दिल्ली में पंजीकृत पुराने वाहनों पर कलर कोडेड स्टिकर चिपकाने के निर्देश देता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह न्यायालय का ध्यान 350 करोड़ रुपए के "संभावित घोटाले" की ओर दिलाने के साथ ही इसे रोकने के लिए तत्काल आदेश देने की प्रार्थना करता है।

याचिका के मुताबिक, "यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि तीसरी पंजीकरण प्लेट/होलोग्राम स्टिकर की कीमत 12.55 रुपये अधिसूचित की गई है। दिल्ली के निवासियों को अब तीसरी पंजीकरण प्लेट/होलोग्राम स्टिकर पर चिपकाए जाने वाले कलर कोडेड स्टिकर को कार डीलरशिप के यहां से 141.60 रुपये कीमत पर खरीदने के लिए मजबूर किया गया है।"

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इसमें आगे लिखा गया, "ओईएम्स (ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स) द्वारा यह अधिसूचित कीमत से सीधे 10 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्तमान में लगभग 35 लाख चार पहिया चलते हैं। अगर इन सभी 35 लाख वाहन मालिकों में से हर एक को 129.45 रुपये (141.60 और 12.15 के के बीच का अंतर) ज्यादा कीमत का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया तो, 35 लाख वाहन मालिकों के लिए यह राशि 45,30,75,000 करोड़ रुपये आती है।"

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याचिका में कहा गया कि यह स्पष्ट रूप से दिल्ली के निवासियों के लिए अनुचित नुकसान और सरकार के "इशारे पर" निजी विक्रेताओं/OEM को अनुचित लाभ मुहैया कराने का उदाहरण है। HSRP योजना में दो नंबर प्लेट होती हैं, जिनमें से एक सामने और एक मोटर वाहन के पीछे होती है। इन दो नंबर प्लेटों में से प्रत्येक में कुछ विशिष्ट खूबियां हैं जो इसे चोरी और जालसाजी से सुरक्षित बनाती हैं।

'तीसरा पंजीकरण चिह्न' भी एचएसआरपी योजना का एक हिस्सा है। यह तीसरी पंजीकरण प्लेट 100 मिमी x 60 मिमी के आकार के एक 'होलोग्राम स्टीकर' के रूप में है, जिसे मोटर वाहन (तीसरे लाइसेंस प्लेट/होलोग्राम स्टिकर) के विंडशील्ड के बाएं ओर के ऊपरी कोने के अंदरूनी हिस्से पर चिपकाया जाना है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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