सेबी ने सुब्रत रॉय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

- निवेशकों का पैसा न लौटाने के मामले में सेबी ने सुब्रत रॉय के खिलाफ दायर की याचिका ।
- सेबी में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 62,600 रुपये लौटाने को प्रेशर बनाया।
- सेबी ने रुपये न लौटाने पर फिर से सुब्रत रॉय को जेल भेजने के लिए कोर्ट से आग्रह किया ।

नई दिल्ली । सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सुब्रत रॉय (Subrata Roy) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सेबी ने इस याचिका में कोर्ट से मांग की है कि सुब्रत रॉय तुरंत अपनी दो कंपनियों के बकाया 62,600 करोड़ रुपये जमा कराएं, अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो फिर से उन्हें जेल भेजा जाए । सुब्रत रॉय इन दिनों पेरोल पर जेल से बाहर हैं।

SEBI की कंपनियों को राहत, Q1 Results की समयसीमा 15 सितंबर तक बढ़ाई

सेबी ने निवेशकों का पैसें वापस करने को याचिका दायर की -
SEBI ने याचिका में कहा है कि साल 2012 और 2015 में सुब्रत रॉय को कोर्ट ने आदेश दिया था कि वो 15% सालाना ब्याज के साथ निवेशकों का पैसा वापस करें। लेकिन रॉय ने पैसा नहीं लौटाया। याचिका में ये भी कहा गया है कि पिछले 8 साल से सुब्रत रॉय की कंपनी ने निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। SEBI ने कहा कि निवेशक परेशान हैं जबकि रॉय जेल से बाहर आकर मजे कर रहे हैं । SEBI की तरफ से कहा गया है कि सहारा ने अब तक निवेशकों का सिर्फ मूलधन वापस किया है. ये बढ़ कर अब 62,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

सहारा ने रखा अपना पक्ष -
सेबी के इन आरोपों पर सहारा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी तरफ से 2020 करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। इतने पैसे देने के बाद भी पूरे अमाउंट पर ब्याज जोड़ा जा रहा है जो कि गलत है।

2014 में गिरफ्तार हुए थे सुब्रत रॉय -
सुब्रत रॉय को निवेशकों का पैसा न लौटाने और कोर्ट की अवमानना के मामले में मार्च 2014 में गिरफ्तार किया गया था। सुब्रत को अदालत की अवमाननासे जुड़ी एक सुनवाई में शामिल नहीं होने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था। सुब्रत रॉय को मां के अंतिम संस्कार के लिए 6 मई, 2016 को पेरोल दी गई थी। उसके बाद 28 नवंबर, 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को जेल से बाहर रहने के लिए 6 फरवरी, 2017 तक 600 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया था।

ये था मामला -
सहारा ग्रुप में ऐसे 4 कोऑपरेटिव सोसाइटीज में करीब 4 करोड़ डिपॉजिटर्स ने अपनी बचत के लिए पैसे जमा किए थे। अब इन सोसाइटीज पर केंद्र सरकार की नजर है। दरअसल, सहारा ग्रुप पर फ्रॉड का आरोप लगा है। माना जा रहा है कि सहारा ग्रुप ने इन डिपॉजिटर्स से 86,673 करोड़ रुपये जुटाए और फिर इसमें से 62,643 करोड़ रुपये एम्बी वैली लिमिटेड में इन्वेस्ट कर दिए।

Show More
विकास गुप्ता
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned