JNU में गूंजा मनु का वैदिक सिद्धांत, देश के स्कॉलरों को शंकराचार्य दिया गुरु मंत्र

Chandra Prakash

Publish: Oct, 13 2017 06:35:17 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2017 06:47:43 PM (IST)

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पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज

नई दिल्ली। पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में शुक्रवार को व्याख्यान में शामिल हुए। व्याख्यान में कुलपति, रजिस्ट्रार, HOD और प्रोफेसर समेत देशभर के स्कॉलर शामिल हुए। मनु का वैदिक सिद्धान्त पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि आनंद का दूसरा नाम ईश्वर है।


निश्चलानंद सरस्वती ने कहा दुनिया में नादान मनुष्यों को नहीं पता कि वो जिस वस्तु या व्यक्ति की कामना करते हैं और उसे पाने के लिए तड़पते हैं उसका नाम ही ईश्वर है। जिस प्रकार अभी मैंने कई बार पानी पिया है, अगर मुझे नहीं पता कि इस वस्तु का नाम पानी है, तो किसी के पूछने पर मैं कह दूंगा कि नहीं..मैंने पानी नहीं पिया है। यहां मैं तो सच बोल रहा हूं लेकिन मुझे नहीं पता कि इस वस्तु को पानी करते हैं। इसी प्रकार हमारी हर इच्छा ही ईश्वर का स्वरुप है।


दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं है जो ईश्वर के अस्तित्व को नहीं मानता हो। ईश्वर के अस्तित्व को नहीं मानने का अर्थ है खुद के अस्तित्व को नहीं मानना।

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