शिवसेना ने दी धमकीः एक भी युवती ने किया सबरीमला मंदिर में प्रवेश तो महिलाएं करेंगी सामूहिक खुदकुशी

शिवसेना ने दी धमकीः एक भी युवती ने किया सबरीमला मंदिर में प्रवेश तो महिलाएं करेंगी सामूहिक खुदकुशी

सबरीमला मंदिर में प्रवेश के मसले पर अब शिवसेना के नेता पैरिंगम्मला ने धमकी दी है कि अगर महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया तो पार्टी की कार्यकर्ता महिलाएं सामूहिक आत्महत्या करेंगी।

तिरुवनंतपुरम। केरल के सबरीमला मंदिर में हर आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबरीमला मंदिर में प्रवेश के मसले पर अब शिवसेना के नेता पैरिंगम्मला ने चौंकाने वाला बयान दिया है। पैरिंगम्मला ने धमकी दी है कि अगर महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश किया तो पार्टी की कार्यकर्ता महिलाएं सामूहिक आत्महत्या करेंगी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पैरिंगम्मला ने कहा कि शिवसेना की महिला कार्यकर्ता आगामी 17-18 अक्टूबर को पांबा नदी के तट पर सामूहिक खुदकुशी कर लेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे ही किसी महिला ने सबरीमला मंदिर के भीतर प्रवेश किया, पार्टी की महिला कार्यकर्ता आत्महत्या कर लेंगी।

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इससे पहले शुक्रवार को मलयालम फिल्मों के अभिनेता कोल्लम ने सबरीमला को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। कोल्लम ने कहा था कि जो भी महिलाएं मंदिर में प्रवेश करती हैं, उन्हें दो टुकड़ों में काट देना चाहिए। इसके बाद पहला टुकड़ा दिल्ली में और दूसरा केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय में फेंक दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस विवादास्पद बयान के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

वहीं, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में हर आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति देने के उनके फैसले के विरोध में दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। बीते 8 अक्टूबर को नेशनल अयप्पा श्रद्धालु संघ ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसकी तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया गया।

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गौरतलब है कि बीते 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने का आदेश जारी कर दिया था। पिछले तकरीबन 800 वर्षों से मंदिर में हर आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। मंदिर में 10 से 50 वर्ष उम्र वाली महिलाएं प्रवेश नहीं कर सकती थीं। मंदिर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र वाली महिलाएं मंदिर में प्रवेश के वक्त आयु प्रमाण-पत्र साथ लेकर जाएं।

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