गंगा के गांधी ज्ञानस्वरूप सानंद का निधन: मातृसदन के स्वामी शिवानंद महाराज ने लगाया हत्या आरोप

गंगा के गांधी ज्ञानस्वरूप सानंद का निधन: मातृसदन के स्वामी शिवानंद महाराज ने लगाया हत्या आरोप

Anil Kumar | Publish: Oct, 11 2018 05:12:00 PM (IST) | Updated: Oct, 11 2018 05:12:01 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

मातृ सदन के स्वामी शिवानंद महाराज ने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की हत्या हुई है।

नई दिल्ली। गंगा रक्षा के लिए बीते 111 दिनों से मातृसदन आश्रम में तपस्यारत गंगा के गांधी कहे जाने वाले स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ जी.डी. अग्रवाल का गुरुवार की दोपहर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सानंद की मौत पर गहरा दुःख प्रकट किया है। हालांकि इनसबके बीच स्वामी सानंद की मौत पर गंभीर सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं। मातृ सदन के स्वामी शिवानंद महाराज ने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद की हत्या हुई है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह से उनके शिष्य ब्रह्मचारी निगमानंद की हत्या की गई थी, ठीक उसी प्रकार स्वामी सानंद की भी हत्या की गई है। बता दें कि शिवानंद महाराज ने कहा है कि सानंद की हत्या के पीछे जिलाधिकारी हरिद्वार, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, सीओ कनखल, एसओ कनखल, चौकी इंचार्ज जगजीतपुर व एक बड़े केंद्रीय मंत्री का हाथ है।

गंगा के इस तट को किया जाएगा नौ हजार दीपों से रोशन, दिया जा रहा स्वच्छता का संदेश

अपने शरीर को दान कर गए स्वामी सानंद

आपको बता दें कि गंगा रक्षा की लड़ाई लड़ रहे स्वामी सानंद अपने शरीर को भी दान कर गए। उन्होंने अपना शरीर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को दान किया। अब एम्स प्रशासन उनकी इस इच्छा का सम्मान करने के लिए जुट गया है। एम्स के डीन डॉ. विजेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया है कि जब स्वामी सानंद स्वस्थ थे तो उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान करने के लिए एक संकल्प पत्र भिजवाया था। इसलिए एम्स प्रशासन संकल्प पत्र का पालन करते हुए स्वामी सानंद का इच्छाओं का पूरा सम्मान करेगा। बता दें कि बीते 22 जून से मातृ सदन आश्रम में गंगा रक्षा के लिए तपस्यारत थे। इसी क्रम में बीते 9 अक्टूबर से उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया था। उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें बुधवार को एम्स में भर्ती कराया गया था। बता दें कि इससे पहले 13 जून 2011 में गंगा रक्षा की मांग कर रहे निगमानंद की हिमालयन अस्‍पताल जौलीग्रांट में मौत हो गई थी। वे लगातार 114 दिनों तक अनशन पर थे।

Ad Block is Banned