पाकिस्तान से लौटे जवान चंदू चौहान ने इंडियन आर्मी पर लगाए बड़े आरोप, इस्तीफे का लिया फैसला

पाकिस्तान से लौटे जवान चंदू चौहान ने इंडियन आर्मी पर लगाए बड़े आरोप, इस्तीफे का लिया फैसला

चंदू चौहान के आरोपों को सेना ने खारिज कर दिया है। सेना का कहना है कि चंदू खुद लगातार गलतिया करता रहता है।

नई दिल्ली। लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) क्रॉस कर गलती से पाकिस्तान पहुंच जाने वाले भारतीय सेना के जवान चंदू चौहान हिंदुस्तान वापस लौट आए हैं। अपने देश लौटने के बाद चंदू ने इंडियन आर्मी पर गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं। वो सेना से अब इस्तीफा देना पर विचार कर रहे हैं। चंदू का भारतीय सेना पर आरोप है कि उन्हें अब प्रताड़ित किया जा रहा है और वो भी बिना किसी बात के।

चंदू ने सेना पर लगाए ये गंभीर आरोप

चंदू चौहान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो सेना पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। चंदू का कहना है कि जब से वो हिंदुस्तान लौटे हैं तभी से सेना की तरफ से उन्हें बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। चंदू चौहान ने माना है कि उनकी गलती के लिए कोर्ट मार्शल के बाद उन्हें 90 दिनों की जेल हो गई थी। चंदू का कहना है कि उन्हें अहमदनगर के रेजीमेंट सेंटर में इलाज का बहाना बनाकर रखा गया है, लेकिन सेना ने 3 महीने से उसका आइडेंटिटी कार्ड जब्त कर लिया है।

 

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चंदू ने आमरण अनशन की बनाई है योजना

वीडियो में चंदू कह रहा है कि वो इस टॉर्चर को सहन नहीं कर पा रहा है और इसी वजह से सेना से इस्तीफा देगा। चंदू ने अहमदनगर आर्मी सेंटर के सीनियर अधिकारी को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उसने कहा है कि अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, वो इस्तीफा देना चाहता है और आने वाले दिनों में वो आमरण अनशन भी करेगा।

सेना ने दी आरोपों पर सफाई

चंदू के आरोपों पर सेना की तरफ से भी सफाई आई है। इंडियन आर्मी की तरफ से जारी एक प्रेस रिलीज में चंदू के आरोपों को गलत बताया गया है। सेना का कहना है कि चंदू चौहान लगातार गलतियां करता आए हैं, चंदू ने कई बार जुर्म किया है, जिसके 5 मामले उनके खिलाफ चल रहे हैं। चंदू चौहान ने आम चुनावों में राजनीतिक पार्टियों के समर्थन में प्रचार किया जिसने काफी सुर्खियां बटोरीं। धुले में सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने इस संबंध में शिकायत भी की थी।

आपको बता दें कि चंदू पर आरोप हैं हाल ही में चंदू को शराब के नशे में भी पाया गया था। सेना लगातार चंदू चौहान को सुधारने की कोशिश कर रही है, लेकिन अपने गलत रवैये के कारण जवान में कोई सुधार नहीं आ रहा है। सेना ऐसे किसी भी गैरअनुशासनात्मक रवैये को बर्दाश्त नहीं करती है. यूनिट को अभी तक प्रीमेच्योर डिस्चार्ज के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है।

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