कोरोना से ज्यादा इस फ्लू ने मचाई थी तबाही, तीन महीने में पांच करोड़ लोगों की हुई थी मौत

Highlights

Coronavirus: दुनियाभर में कोरोना वायरस का 'आतंक'
1918 में स्पेनिश फ्लू के कारण मची थी अब तक की सबसे बड़ी तबाही
तीन महीने में पांच करोड़ लोगों की हुई थी मौत
यूरोप और अमेरिका में मची थी सबसे ज्यादा तबाही
शोक सभा करने पर थी पाबंदी

नई दिल्ली। दुनियाभर में इन दिनों कोरोना वायरस ( Coronavirus ) का 'आतंक' मचा हुआ है। चीन ( China ) से फैला यह वायरस 80 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। इस खतरनाक वायरस से अब तक 3200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि करीब एक लाख लोग इस संक्रमण से प्रभावित हो चुके हैं। इस वायरस को रोकने और खत्म करने के लिए दुनियाभर में शोध जारी है। लेकिन, अभी तक इसका एंटी डोज तैयार नहीं हो पाया है। आलम ये है कि इस वायरस को लेकर लोगों में खौफ बढ़ता जा रहा है। हालांकि, कोरोना दुनिया का इकलौता वायरस नहीं, जिसने हाहाकार मचा रखा है। बल्कि इससे पहले भी कई ऐसे वायरस आ चुके हैं, जिसने दुनिया में तबाही मचाई। इनमें साल 1918 में एक ऐसा वायरस आया था, जिसने केवल तीन महीनों में करीब पांच करोड़ लोगों की जान ले ली। आज तक किसी वायरस ने दुनियाभर में इस तरह हाहाकार नहीं मचाया था।

यहां पहले दुनिया के कुछ खतरनाक वायरस के नाम जान लें।

1. स्पेनिश फ्लू
2. इबोला
3. स्वाइन फ्लू
4. जीका वायरस
5. निपह वायरस

स्पेनिश फ्लू ( Spanish flu )

पिछले कुछ महीनों से दुनिया में कोरोना वायरस सुर्खियों में है। चीन से शुरू हुआ यह वायरस धीरे-धीरे कई देशों में फैल चुका है। लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं। भारत में भी 31 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। वहीं, काफी संख्या में इस वायरस के संदिग्ध मिले हैं। लेकिन हम आपको आज स्पेनिश फ्लू (Spanish flu) के बारे में बताते हैं, जिसने तीन महीने में दुनिया की एक तिहाई आबादी को खत्म कर दिया था। इस वायरस के कारण करीब पांच करोड़ लोग मरे थे।

U S में मिला था स्पेनिश फ्लू का पहला मरीज

स्पेनिश फ्लू की शुरुआत यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका ( U.S ) से हुआ था। साल 1918 में यूएस मिलट्री का एक जवान सबसे पहले स्पेनिश फ्लू का शिकार हुआ था। इसके बाद इस वायरस ने ऐसा तांडव मचाया कि केवल यूएस में छह लाख पचहत्तर हजार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दुनियाभर में पांच करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में पांच साल से ज्यादा उम्र के बच्चे, 20-40 साल के जवान और 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग शामिल थे। ब्रिटेन के बाद यूएस में इस वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई थी।

दुनियाभर में हुई थी पांच करोड़ से ज्यादा की मौत

1918-20 के दौरान स्पेनिश फ्लू का कहर रहा। एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त पूरी दुनिया की आबादी करीब पांच सौ मिलियन थी, जिसमें पांच मिलियन लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक दो साल में मौत का आंकड़ा पांच करोड़ से लेकर सात करोड़ के बीच रहा था। इस वायरस से सबसे ज्यादा तबाही यूएस, यूरोप और इसके बाद एशिया में मची थी।

यूएस-यूरोप में लगी थी बड़ी पाबंदी

एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वायरस ने ऐसा रूप धारण किया था कि यूएस और यूरोप में बड़ी पाबंदी लगा दी गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि मरने वालों के शोक सभा पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। स्कूलों, कॉलेज, सिनेमा थिएटर, बाजार सभी को बंद कर दिया गया था और लाशों को एक जगह इकट्ठा किया गया था। बस केवल सैनिकों की पहचान के लिए उनके रिश्तेदारों को ताबूत खोलकर देख सकते हैं, लेकिन उन्हें टच करने की अनुमति नहीं थी।

क्या था इस वायरस का सिमटम?

इस वायरस का भी सिमटम बेहद सामान्य था। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और नाक से पानी आना।

बेबस थे डॉक्टर?

यह वायरस इतनी तेजी से फैला कि डॉक्टर्स भी बेबस नजर आए। मेडिकल साइंस को इस वायरस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी कि लोगों का कैसे इलाज किया जाए। एक रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के लिए कैम्फर से लेकर क्वीनीन और अल्कोहल तक इस्तेमाल किया गया। विशेष रूप से व्हिसकी सबसे अच्छा उपाय माना जाता था। "लेकिन कुछ और भी उत्पादों जैसे क्रिओसोट और स्ट्रीचनीन का भी इस्तेमाल किया गया। लेकिन, कुछ भी फायदा नहीं हुआ। दरअसल, कहा गया था कि इस वायरस को रोकने के लिए डॉक्टर्स कुछ भी करने को तैयार थे।

इन जगहों पर हुआ था सबसे ज्यादा असर

1918 में फैले स्पेनिश फ्लू ने दुनिया की एक तिहाई से ज्यादा आबादी को खत्म कर दिया था। ये आंकड़ा प्रथम विश्व युद्ध में हुई कुल मौतों से तीन गुना ज्यादा था। ये इतिहास में सबसे तेजी से फैलने वाला और सबसे जल्दी मौत के घाट उतारने वाला वायरस था। ज्यादातर वायरस का असर बच्चों, बुजुर्गों या शारीरिक रूप से कमजोर लोगों पर होता है। इसके विपरीत 1918 के इस फ्लू का शिकार सबसे ज्यादा स्वस्थ युवा हुए थे। इस फ्लू का सबसे ज्यादा असर जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और यूनाइटेड स्टेट्स पर हुआ था।

Kaushlendra Pathak Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned