Unlock-4 खत्म होने के बाद केंद्र और राज्य सरकारें जनता को देंगी ये रियायतें

कोरोना के कारण देश में 25 मार्च 2020 को की गई थी लॉकडाउन की घोषणा
एक जून 2020 को शुरु हुआ था देश में अनलॉक का प्रथम चरण
एक अक्टूबर 2020 से शुरू होना है अनलॉक का पांचवा चरण

कोरोना वायरस ने भारत सहित पूरी दुनिया को एक ऐसा दौर देखने को विवश किया है जो हम नहीं देखना चाहते थे। लॉकडाउन के कारण एक तरफ जहां पूरी दुनिया जहां थी, वहीं थम गई तो दूसरी ओर विश्व की बड़ी आबादी को जॉब लॉस, आर्थिक मंदी और भारी-भरकम मेडिकल खर्चें जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद भारत में पहली बार 24 मार्च 2020 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया।

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अनलॉक 4 में देश के राज्यों को मिली बहुत सी रियायतें
अब अनलॉक के चौथे चरण पूरे होने एवं पांचवें चरण के शुरू होने पर देश के बहुत से राज्यों ने अपने यहां लॉकडाउन की शर्तों में काफी हद तक ढील दे दी है। जहां कही कोरोना का संक्रमण बहुत ज्यादा है। ऐहतियात के तौर पर वहां अभी भी लॉकडाउन या धारा 144 का प्रयोग किया जा रहा है। जिन स्थानों पर कोरोना का प्रकोप कम हो रहा है, वहां पर जनता को रोजमर्रा से जुड़ी वस्तुओं तथा सेवाओं सहित अन्य बातों में भी ढील दी जा रही है।

अनलॉक 4 के दौरान ही स्कूल खोल दिए गए तथा कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक के छात्रों को उनके माता-पिता की इजाजत लेकर स्कूल में आकर छात्रों से अपनी समस्या हल करने की छूट दी गई। हालांकि इसके लिए भी छात्र, उनके माता-पिता तथा स्कूल स्टाफ को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। अनलॉक-4 खत्म होने के बाद राज्य सरकारें एवं केन्द्र सरकार छात्रों के हित में शैक्षणिक संस्थाओं को और अधिक ढील दे सकती हैं।

अनलॉक-4 के बाद राज्य सरकारों का है ये प्लान
अनलॉक 4 खत्म होने के बाद बहुत से राज्य धीरे-धीरे अपने यहां लगी सभी पाबन्दियों को हटाने पर विचार कर रहे हैं। राजस्थान में पर्यटन स्थल खोले जा चुके हैं जबकि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अक्टूबर के बाद अपने पर्यटन स्थलों को खोलने का निर्णय लिया है। उड़ीसा, लद्दाख सहित कई अन्य राज्यों में भी क्रमबद्ध रूप से मन्दिर तथा अन्य पर्यटन स्थल खोले जाएंगे।

कुछ राज्य अपने यहां सिनेमा हॉल, शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के निर्णय पर विचार कर रहे हैं। यद्यपि शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से कक्षाएं नहीं होंगी परन्तु छात्र अपनी समस्याओं को लेकर शिक्षकों से मिल सकेंगे तथा उनसे समाधान प्राप्त कर सकेंगे। बहुत से राज्य अनलॉक 4 खत्म होने के बाद अपने यहां के धर्मस्थलों को भी आम जनता के लिए खोलने पर विचार कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कई राज्यों को स्थानीय धर्मस्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं से काफी आय प्राप्त होती है एवं स्थानीय जनता को भी रोजगार प्राप्त होता है।

भारत में लॉकडाउन और अनलॉक का तारीखवार घटनाक्रम यूं चला
1. लॉकडाउन का पहला चरण 25 मार्च 2020 को 21 दिनों के लिए शुरु हुआ। इसे 14 अप्रैल तक चलना था।
2. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते लॉकडाउन को फिर से 19 दिनों के लिए (3 मई तक) बढ़ा दिया गया।
3. इसके बाद लॉकडाउन का तीसरा चरण 4 मई को आरंभ होकर 17 मई तक कुल 14 दिन चला जिसमें कुछ स्थानों पर छूट दी गई तथा अधिक प्रभावित क्षेत्रों में लॉकडाउन की शर्तों को और भी ज्यादा सख्त कर दिया गया।
4. लॉकडाउन का चौथा चरण 18 मई से 31 मई (कुल 14 दिन) चला। इस समय काल में भारत में कोरोना संक्रमण तथा कोरोना से होने वाली मौतों में खासी कमी देखने को मिली जो अनलॉक होने के बाद एकदम बहुत ज्यादा हो गई और सरकारों को अनलॉक के बाद भी धारा 144 लगाने जैसे कदम उठाने पड़े।

इस तरह पूरा हुआ लॉकडाउन हुआ अनलॉक
1. पीएम मोदी ने अनलॉक के पहले चरण की घोषणा करते हुए एक जून से 30 जून 2020 तक की समय सीमा निर्धारित की। इसमें आवश्यक सेवाओं के साथ ही कुछ अन्य चीजों के लिए भी छूट दी गई। जहां कोरोना संक्रमण नगण्य था या नहीं था, वहां पर प्रतिबंधों में काफी कुछ ढील दी गई।
2. अनलॉक का दूसरा चरण 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई 2020 तक चला जिसमें देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी ढील दी गई।
3. तीसरे चरण में एक अगस्त से 31 अगस्त 2020 तक के समय काल में ऑफिस, कारखाने आदि भी खोलने की अनुमति दी जाने लगी जिससे व्यापार तथा उद्यम कुछ हद तक पटरी पर आए।
4. अनलॉक के चौथे चरण में एक सितंबर से 30 सितंबर तक कई अन्य चीजों की भी अनुमति दी जाने लगी। जिम, होटल आदि को कुछ शर्तों के साथ आम जनता के लिए खोल दिया गया।

लॉकडाउन के बाद भी देश में कोरोना संक्रमण के मामले
हालांकि लॉकडाउन और अनलॉक के इन समायन्तरालों में देश के कुछ राज्यों यथा महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली में कोरोना का संक्रमण इतनी अधिक तेजी से बढ़ा कि सरकार को इन क्षेत्रों में सब कुछ लॉकडाउन ही रखने का निर्णय लेना पड़ा। जहा कहीं ढील दी गई तो वहां भी कुछ शर्तों की पालना आवश्यक कर दी गई।

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सुनील शर्मा
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