स्‍टेट मेडिकल रिपोर्ट: चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव हुए गंभीर तनाव के शिकार

स्‍टेट मेडिकल रिपोर्ट: चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव हुए गंभीर तनाव के शिकार

इन दिनों 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले के कई मामलों में राजद प्रमुख सजा काट रहे हैं।

नई दिल्‍ली। राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्‍स) रांची के निदेशक आरके श्रीवास्तव ने सोमवार को कहा कि बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव गंभीर अवसाद से पीडि़त हैं। उन्‍होंने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस बात का खुलासा किया है। उन्‍होंने कहा कि एम्‍स नई दिल्‍ली के डिस्‍चार्ज सर्टिफिकेट में भी इस बात का जिक्र है। इसी बात की पुष्टि अब रिम्‍स ने आधिकारिक रूप से कर दी है। बता दें कि जेल से बाहर कुछ महीने बिताने के बाद आरजेडी सुप्रीमो ने 30 अगस्त को रांची सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय ने चिकित्सा उपचार के लिए उन्हें दी गई अस्थायी जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

रिम्‍स ने नहीं दी है मनोचिकित्‍स से दिखाने की सलाह
वह गुर्दे और हृदय रोग से भी पीडि़त हैं। रिम्‍स के निदेशक ने बताया है कि डिप्रेशन में होने की वजह से लालू यादव को किसी मनोचिकित्सक को दिखाने के बारे में कोई विचार नहीं किया गया है। चारा घोटाले में आरोपी लालू यादव का हाल ही में उनका मुंबई अस्पताल में फिस्टुला का ऑपरेशन हुआ था।

प्राइवेट वार्ड में चल रहा है ईलाज
पिछले बुधवार को लालू यादव को अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। इस वार्ड में ईलाज के लिए उन्‍हें एक हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कमरे का शुल्क भुगतान करना होगा। श्रीवास्तव ने बताया कि प्राइवेट वार्ड में लालू को स्थानांतरित करने के लिए जेल प्रशासन की अनुमति ली गई थी। लालू ने रिम्स के सामान्य वार्ड में चिकित्सा के दौरान गंदगी, मच्छरों की समस्या और कुत्तों के भौंकने की शिकायत की थी जिसके बाद उनके अनुरोध पर उन्हें प्राइवेट वार्ड में स्थानांतरित करने का फैसला किया गया था। इससे पहले लालू यादव ने अंतरिम जमानत पर विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार केन्द्रीय जांच ब्यूरो की दोनों विशेष अदालतों के समक्ष 30 अगस्त को यहां आत्मसमर्पण कर दिया था। उसके बाद अदालतों के आदेश पर उन्हें सजा काटने के लिए वापस बिरसामुंडा जेल भेज दिया गया, जहां से कारागार के चिकित्सक ने उन्हें उचित इलाज के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया था।

14 वर्ष की सजा काट रहे है लालू
आपको बता दें कि इससे पहले उच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गई अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने लालू को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में लालू यादव चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद चौदह वर्ष की सजा काट रहे हैं।

 

Ad Block is Banned