मुंबई हमले की 10वीं बरसी: जानें क्यों आतंकी कसाब ने अदालत में लिया था महानायक अमिताभ बच्चन का नाम

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कसाब के जांच अधिकारी रमेश महाले ने कसाब के बारे में हाल ही में कई खुलासे किए हैं।

नई दिल्ली। 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था। 166 लोग इस हमले में मारे गए थे। 21 नवंबर 2012 को ऑपरेशन एक्स के तहत जिंदा पकड़े गए आतंकी आमिर अजमल कसाब को फांसी पर लटका दिया गया था। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कसाब के जांच अधिकारी रमेश महाले ने कसाब के बारे में हाल ही में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि कसाब ने अदालत में कैसे एक कहानी बनाई थी।

आतंकी अजमल आमिर कसाब ने फांसी से पहले माना, 'तुम जीते मैं हारा'

अदालत में लिया अमिताभ बच्चन का नाम

कसाब ट्रैंड आतंकी था। जांचकर्ताओं को पता था वह आसानी से टूटने वाला नहीं हैं, इसके लिए रमेश महाले ने कई तरकीब भी अपनाई। कसाब ने जांचकर्ताओं को कई बार चौंकाया भी था, ट्रायल के आखिर में उसने अदालत में अपना बयान दर्ज करवाने के दौरान ऐसी बात कही थी जिससे सभी हैरान रह गए। महाले ने बताया, "कसाब ने अदालत को बताया कि वह पाकिस्तान का नागरिक है और वैध वीजा पर अमिताभ बच्चन को देखने के लिए मुंबई आया था। उसने कहा कि वह अमिताभ बच्चन के जुहू बंगले के बाहर खड़ा था, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया। लॉक अप में ले जाने से पहले पुलिस ने हाथ में गोली मारी, चार दिन बाद 26/11 हमले में मुझे फंसा दिया गया। महाले याद करते हुए ये भी बताते हैं कि कभी कसाब ने सीधा जवाब नहीं दिया। लेकिन जब उसकी मौत की तारीख मुकर्रर की गई तो वह डरने लगा। अदालत से बचने का उसका यकीन डर में बदल गया। पुणे जेल में शिफ्ट करते वक्त रमेश महाले ने कसाब को याद दिलाते हुए कहा था (अफजल गुरु की फांसी की बात) , "याद है? चार साल भी नहीं हुए, अब और सात दिन बाकी हैं। इस पर कसाब ने कहा, "आप जीत गए, मैं हार गया"। बता दें कि कसाब को 80 अपराधों का दोषी पाया गया था, जिनमें हत्या, भारत के खिलाफ जंग छेड़ने, हथियार रखने आदि शामिल थे।

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Saif Ur Rehman
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