समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुस्साए सुब्रमण्यन स्वामी, कहा- इससे बढ़ेंगे HIV के मामले

समलैंगिकता पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुस्साए सुब्रमण्यन स्वामी, कहा- इससे बढ़ेंगे HIV के मामले

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि ये कोई अंतिम फैसला नहीं है, कोर्ट के इस फैसले को बदला जा सकता है।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी अदालत ने गुरुवार को जैसे ही समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया तो कहीं जश्न तो कहीं इसका विरोध शुरू हो गया। कोर्ट के इस फैसले के बाद एलजीबीटी समुदाय को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी का बड़ा बयान आया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले के बाद देश में एचआईवी (एड्स) के मामले बढ़ जाएंगे।

समलैंगिकता से फैलेगा एचआईवी- स्वामी

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए बयान में कहा सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा है कि ये कोई अंतिम फैसला नहीं है, कोर्ट के इस फैसले को बदला जा सकता है। स्वामी ने कहा है कि भले ही पांच जजों की बेंच ने ये फैसला सुनाया है, लेकिन सात जजों की बेंच इस फैसले को पलट सकती है। स्वामी ने अपने बयान में कहा, ''यह एक अमेरिकी खेल है। जल्द ही यहां भी समलैंगिक बार खुल जाएंगे, जहां सिर्फ उन्हीं की एंट्री होगी। एचआईवी फैल जाएगा। इसलिए, परिणामों को देखने के बाद मुझे उम्मीद है कि 7 जजों की बेंच इस फैसले को पलट सकती है।

समलैंगिकता पर गुस्साए सुब्रमण्यन स्वामी

इसके अलावा स्वामी ने कहा कि होमो सेक्सुअल संबंधों से सामाजिक बुराइयां बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि इससे सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) में भी इजाफा होगा। इस फैसले पर गुस्साए स्वामी ने एक बार फिर कहा कि होमो सेक्सुआलिटी एक जेनेटिक डिसऑर्डर की समस्या है।

धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

आपको बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समलैंगिकता को मान्यता दे दी है। मतलब दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि एलजीबीटी समुदाय को अन्य नागरिकों की तरह समान मानवीय और मौलिक अधिकार हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि पहचान बरकरार रखना लाइफ के पिरामिड के लिए जरूरी है।

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