SC जज विवाद: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा-मतभेदों के मुद्दे पर सभी जज मिलकर करें विचार

prashant jha

Publish: Jan, 13 2018 11:29:33 (IST)

Miscellenous India
SC जज विवाद: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा-मतभेदों के मुद्दे पर सभी जज मिलकर करें विचार

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उपजे विवादों पर सुलह की कोशिश तेज हो गई।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उपजे विवादों पर सुलह की कोशिश तेज हो गई। बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अलग-अलग बैठक की। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने मांग की है कि जजों के बीच मतभेदों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के सभी जज मिलकर विचार करें और समस्या को सुलझाएं। एसोसिएशन ने कहा कि संस्था की विश्वसनीयता बहाल होनी चाहिए।

संस्था पर नहीं लगे धब्बा

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि एसोसिएशन की आपात बैठक हुई और पूरे विवाद पर चर्चा की गई। विकास सिंह ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से 2 प्रस्ताव पारित किए गए। सिंह ने कहा कि पहला प्रस्ताव यह है कि जजों के मतभेदों से जुड़े मसलों पर फुल कोर्ट विचार करे। दूसरा प्रस्ताव है कि जनहित याचिकाओं की सुनवाई या तो सीजेआई की बेंच या फिर कोलजियम में शामिल जजों की बेंच में की जाए। ताकि संस्था की विश्वसनीयता बरकरार रहे। सिंह ने कहा कि इन प्रस्तावों को सीजेआई के पास भेजा जाएगा।विकास सिंह ने कहा कि लोगों का मानना है कि यही एक संस्था है जहां सारे संस्थाओं के फेल होने पर न्याय मिलता है। हम नहीं चाहते कि इस पर धब्बा लगे।

 

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जताई नाराजगी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर शनिवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी नाराजगी जताई । बार काउंसिल के चेयरमैन मनन मिश्रा ने कहा कि यह न्यायपालिका का आंतरिक मसला है। लिहाजा इसे आंतरिक रूप से निपटाया जाना चाहिए। इस पर राजनीतिकरण नहीं होनी चाहिए। काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने राहुल गांधी और अन्य राजनीतिक दलों पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कि 'इस मुद्दे से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य दलों को राजनीति करने का मौका मिल गया है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं उनसे आग्रह करता हूं कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न होने दें।' मनन मिश्रा ने कहा 'प्रधानमंत्री और कानून मंत्री ने कल खुद कहा था कि यह न्यायपालिका का आतंरिक मसला है और सरकार इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। हम सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं।

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