Final Year Exams रोकने के लिए अंतरिम आदेश देने से SC का इनकार, 10 अगस्त को अगली सुनवाई

  • परीक्षाएं कैंसल या पोस्टपोन करने की याचिका पर यूजीसी ( University Grants Commission ) के दिशानिर्देश को दी गई है चुनौती।
  • यूजीसी ने 30 सितंबर तक एग्जाम संपन्न ( university exams ) कराने के दिए हैं ( UGC Guidelines for University Exams 2020 ) दिशानिर्देश।
  • सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) अब मामले की सुनवाई आगामी 10 अगस्त को करेगा।

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( University Grants Commission ) के छह जुलाई के दिशानिर्देशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने शुक्रवार को अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। इन दिशानिर्देशों में सितंबर के अंत तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ( university exams ) आयोजित कराने के लिए कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अब सुनवाई 10 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है।

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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट से एक अंतरिम आदेश पारित करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस बात का हवाला दिया कि बिहार और असम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कई छात्र फंस गए हैं इसलिए वे यात्रा कैसे करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा रहा है। अब इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त के लिए पोस्ट कर दी जा रही है।

इस दौरान अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए कहा। इसकी वजह केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट करना था। मेहता ने इस पर सोमवार तक का वक्त मांगा। उन्होंने अदालत में इस बात पर जोर देकर कहा कि छात्रों ( final year student ) को यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि उन्हें परीक्षा की तैयारी नहीं करनी है। छात्रों को बल्कि इसके बजाय यह सोचना चाहिए कि उन्हें तैयारी करनी है।

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याचिकाकर्ता छात्र यश दुबे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों का जिक्र करते हुए इस बारे में विचार किए जाने की दलील पेश की। सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि अदालत पहले के दिशानिर्देशों की जांच करे और फिर बीते छह जुलाई को जारी किए गए दिशानिर्देशों ( UGC Guidelines for University Exams 2020 ) को देखे। सिंघवी ने आगे कहा कि परीक्षाओं को रद्द किए जाने से आसमान नहीं टूट पड़ेगा।

वहीं, यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश भर के विश्वविद्यालयों को सितंबर के अंत तक अपनी अंतिम-वर्ष ( BA final year exam ) की परीक्षाएं आयोजित करने के लिए अनिवार्य किए गए छह जुलाई के दिशानिर्देशों में बदलाव किया जाना अब संभव नहीं है।

यूजीसी ने अदालत को बताया कि प्रो. आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों/संस्थानों को सितंबर के अंत तक टर्मिनल सेमेस्टर एग्जाम आयोजित कर लेने चाहिए।

ये याचिकाएं विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों के 31 छात्रों, विधि छात्र यश दुबे, युवा सेना के नेता आदित्य ठाकरे और एक छात्र कृष्णा वाघमारे द्वारा दायर की गई हैं। युवा सेना की ओर से ठाकरे जैसे याचिकाकर्ताओं ने UGC से अलग-अलग राज्य सरकारों को उम्मीदवार के पिछले प्रदर्शन के आधार पर अंतिम वर्ष के छात्रों को उत्तीर्ण करने की अनुमति देने की मांग की थी।

अमित कुमार बाजपेयी
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