मॉब लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकारों से एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

मॉब लिंचिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकारों से एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मॉब लिन्चिंग की घटनाओं को रोकने संबंधी अपने आदेश को लागू न करने को लेकर राज्य सरकारों से नाराज है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गौरक्षा और भीड़ हिंसा को लेकर राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही एक हफ्ते के भीतर सभी राज्यों से रिपोर्ट पेश करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने गौरक्षा और भीड़ हिंसा को लेकर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन न करने को लेकर नाराजगी जाहिर की। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के साथ सख्ती से निपटने और उसके लिए कानून बनाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में कोर्ट ने सभी राज्यों से रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन अभी तक केवल 11 राज्यों ने ही कोर्ट में रिपोर्ट दी है।

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राज्य सरकारों से नाराज सुप्रीम कोर्ट

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मॉब लिन्चिंग की घटनाओं को रोकने संबंधी अपने आदेश को लागू न करने को लेकर राज्य सरकारों से नाराज है। कोर्ट ने शुक्रवार को आदेशों को सही ढ़ंग से अनुपालन न करने के लिए राज्यों को सख्त चेतावनी दी है। इसके साथ ही आदेश लागू करने के लिए राज्यों को एक सप्ताह का समय दिया है। मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों से मॉब लिन्चिंग रोकने को जारी दिशानिर्देशों पर अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट पेश न करने के केस में राज्य के गृह सचिव कोर्ट में प्रस्तुत हों और रिपोर्ट दें।

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क्या थे दिशा निर्देश

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मॉब लिन्चिंग में शामिल लोगों को दण्डित करने के लिए संसद को अलग से कानून बनाने का सुझाव दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा था कि भीड़तंत्र के भीषण करतूतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इस पर सख्ती से अंकुश लगाना होगा

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