चीन में अगले महीने होगी विदेश मंत्रियों की बैठक, सुषमा स्वराज भी होंगी शामिल

चीन में अगले महीने होगी विदेश मंत्रियों की बैठक, सुषमा स्वराज भी होंगी शामिल

चीन में इस साल जून में एससीओ शिखर सम्मेलन भी होने वाला है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।

चीन में अगले महीने होने वाली शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शामिल होंगी। इस साल जून में चीन में एससीओ शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इसी के मद्देनजर सुषमा स्वराज इस बैठक में हिस्सा लेंगी। इस बैठक में दरअसल उसी शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा भी की जाएगी। सम्मेलन किंगदाओ में आयोजित होगा।

जानकार विदेश मंत्री की इस यात्रा को पिछले साल वर्ष डोकलाम में हुए सैन्य गतिरोध के बाद रिश्तों में सुधार लाने की दिशा में एक कदम के रूप में देख रहे हैं। साथ ही इसे पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुए समझौते पर आगे बढ़ने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान वे एससीओ के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अलग से भी बैठकें कर सकती हैं। लेकिन यह सपष्ट नहीं है कि वे पाकिस्तानी समकक्ष के साथ कोई बैठक करेंगी या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार- सुषमा को 28 मार्च से द्विपक्षीय वार्ता के लिए जापान भी जा रही हैं। जबकि 18 अप्रैल को वाशिंगटन में 2+2 प्रारूप ( विदेशी और रक्षा विचार- विमर्श) में रणनीतिक बातचीत के लिए उन्हें अमरीका जाना है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस वार्ता में शामिल होंगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार- विदेश मंत्री 23 अप्रैल से 24 अप्रैल तक एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी। इस दौरान वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगी। बता दें, दोनों नेताओं में रूस-भारत-चीन (RIC) त्रिपक्षीय बैठक हुई थी। इसके अजावा पिछले साल दिसम्बर में एक द्विपक्षीय बैठक भी हुई थी।

जनरल रावत ने भी कहा- सुधर रहे हैं संबंध
इसी बीच सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंन कहा है कि डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में जो कड़वाहट आ गई थी, वो अब दूर हो रही है। रावत ने कहा कि चीन के साथ सैन्य कूटनीति ने काम किया और डोकलाम गतिरोध के बाद बंद हो गई सीमा सुरक्षा बलों की बैठक फिर से शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ हर साल सैन्य अभ्यास होता है। केवल पिछले साल डोकलाम गतिरोध के कारण पैदा हुए तनाव के कारण यह अभ्यास स्थगित हुआ था। लेकिन यह अभ्यास जल्द ही बहाल होगा।

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