स्वामी रामदेव के ‘पुत्रजीवक बीज’ की होगी जांच, कांग्रेस ने की प्रतिबंध लगाने की मांग

अगर पतंजलि की ‘पुत्रजीवक बीज’ में कुछ भी गलत पाया गया दोषी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

नई दिल्ली। स्वामी रामदेव की पतंजलि की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र सरकार ने पतंजलि के ‘पुत्रजीवक बीज’ की जांच के आदेश दिए हैं, जिसके उपयोग से लड़का पैदा होने का दावा किया जा रहा था। कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधान परिषद में पतंजलि के उत्पाद की बिक्री बंद करने की मांग की थी। ‘पुत्रजीवक बीज’ को लेकर इससे पहले भी कई बार विवाद हो चुका है।

कानून का उल्लंघन है ‘पुत्रजीवक बीज’

कांग्रेस के विधान परिषद के सदस्य संजय दत्त ने पतंजलि और बाबा रामदेव द्वारा बेची जा रही ‘पुत्रजीवक बीज’ नामक दवा, जिससे पुत्र पैदा होने के लिए बढ़ावा मिलता है उसकी विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। दत्त ने सदन मे कहा कि यह कानून का उल्लंघन है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दावा करते हैं कि उनकी सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ को बढ़ावा दे रही और दूसरी तरफ रामदेव की पतंजलि कंपनी खुले आम पुत्रजीवक बीज की विक्रय कर रही है। इससे बेटी को निशाना बनाया जा रहा है।

‘पुत्रजीवक बीज’ पर प्रतिबंध की मांग

संजय दत्त ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में चुप क्यों है और कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि खाद्य और आपूर्ति मंत्री और स्वास्थ्य प्रबंधन इस पर प्रतिबंध लगाए और पतंजलि के साथ सभी विक्रेताओं पर पुलिस मामला दर्ज करे।

यह भी पढ़ें: राहुल गांधी की 'हगप्लोमेसी': राजनाथ बोले ये 'चिपको आंदोलन', स्पीकर को भी नहीं आया पसंद

सरकार ने दिए जांच के आदेश

कांग्रेस की मांग पर विधान परिषद के सभापति रामराजे निंबालकर ने दत्त की मांग को स्वीकार करते हुए मंत्री को जवाब देने के लिए कहा। जिसपर महाराष्ट्र के खाद्य और औषधि प्रबंधन मंत्री गिरीश बापट ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले की जांच होगी। अगर ‘पुत्रजीवक बीज’ में कुछ भी गलत पाया गया दोषी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

रामदेव के किंभो ऐप पर भी विवाद

बता दें कि हाल ही में योग गुरु बाबा रामदेव ने स्वदेशी मैसेंजर के नाम से किंभो ऐप को लॉन्च किया था। इसके बाद बाबा के इस ऐप ने भी काफी सुर्खियां बटोरी। इस ऐप को लेकर कई सेक्योरिटी एक्सपर्ट ने दावा किया था कि इसमें यूजर्स के डेटा की सिक्योरिटी को लेकर कई बड़ी गड़बड़ी हैं। इसके बाद कंपनी ने इसके जवाब में कहा था कि ऐप के टेस्टिंग फेस के दौरान हमें काफी ट्रैफिक देखने को मिला था और हमें ऐप को सेटअप करने में अभी दो महीने और लगेंगे।

Show More
Chandra Prakash Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned