Tamil Nadu में सामने आया अनोखा मामला, Chennai में Coronavirus Deaths के 200 केस 'गायब'

  • चेन्नई ( Chennai ) में 200 लोगों की संदिग्ध कोरोना से मौत ( Coronavirus Deaths ) की खबर।
  • तमिलनाडु ( Tamil Nadu ) सरकार ने दिए मामले की जांच के आदेश, नौ सदस्यीय समिति का गठन।
  • चेन्नई नगर निगम में दर्ज होने वाली मौतों को रोज सरकार को बताने का कोई सिस्टम नहीं।

चेन्नई। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के बीच तमिलनाडु ( Tamil Nadu ) से एक अनोखा मामल सामने आया है। यहां की राजधानी चेन्नई ( Chennai ) में कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus Deaths ) से कम से कम 200 लोगों की संदिग्ध मौत होने की जानकारी सामने आने के बाद, राज्य सरकार ( tamil nadu govt ) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसकी वजह यह है कि इन मौतों को राज्य के कोरोना वायरस मामलों ( coronavirus us cases ) से होने वाली मौतों में नहीं जोड़ा गया था।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ( Health Department ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अनुमान नगर निगम के रिकॉर्ड के शुरुआती आकलन पर आधारित है। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार शाम तक प्रदेश में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की संख्या 326 बताई थी। इसमें अकेले चेन्नई ( Chennai ) शहर में 260 की मौत हुई थी।

वहीं, संबंधित अधिकारियों ने आंकड़ों में कमी को एक प्रक्रियात्मक खामी करार दिया है। उनके मुताबिक चेन्नई ( Chennai ) निगम की रजिस्ट्री में दर्ज की गई मौतों को दैनिक आधार पर सरकार को रिपोर्ट करने का कोई सिस्टम मौजूद नहीं है। सरकार ने मौत के आंकड़े कम दिखाने के लिए संख्या के साथ हेरफेर की है, के आरोप को दरकिनार करते हुए राज्य की स्वास्थ्य सचिव बीला राजेश ने कहा, "कोरोना वायरस से होने वाली मौत के आंकड़ों को दोषरहित बनाने के लिए नौ सदस्यीय समिति ऐसे सभी मामलों को देखेगी।"

उन्होंने कहा, "हमें मौत के आंकड़ों को छिपाने की ज़रूरत नहीं है, हम ऐसा नहीं कर सकते हैं। हम सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के अस्पतालों से रिपोर्ट की गई कोरोना वायरस से होने वाली सभी मौतों की सटीक रिपोर्टिंग कर रहे हैं। कई मौतों की जानकारी नहीं दी गईं, जैसी नवीनतम रिपोर्टों के बाद हमने शहर की सीमा में इन सभी कथित कोरोना वायरस की मौतों का आकलन करने के लिए इस समिति का गठन किया है।" उन्होंने कहा कि समिति अभी भी डाटा एकत्र कर रही है, इसलिए आधिकारिक आंकड़ों में शामिल ना होने वाली मौतों की संख्या का पता लगाना बाकी है।

उन्होंने कहा, "भले ही हमारे पास कोरोना की मौतों के बारे में मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों ( hospital ) सहित सभी अस्पतालों से डाटा एकत्र करने की एक कुशल प्रणाली है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus outbreak ) से पहले दैनिक आधार पर मौतों की रिपोर्ट करने का कोई सिस्टम नहीं था। हमें संदेह है कि ये कथित मौतें घर में होने वाली मौतों या निजी क्लीनिकों में होने वाले मामलों आदि जैसे थे।"

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निगम के एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण शहर की मृत्यु और जन्म की रजिस्ट्री को नियमित रूप से अपडेट करने में खामियां थीं और 1,000 से अधिक कंटेनमेंट जोन ( Containment Zone ) व लॉकडाउन ( Lockdown ) के प्रबंधन का अतिरिक्त कार्यभार भी आ गया। महामारी ( Coronavirus pandemic ) शुरू होने के बाद इस डेटा को अपडेट करने में देरी हुई। शायद यही आंकड़ों के बेमेल होने का कारण बना।

इसके बाद पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन के निदेशक डॉ पी वडिवलान ने अब एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब से चेन्नई निगम की सभी मौतों को दैनिक आधार पर अधिसूचित किया जाना है। नौ सदस्यीय समिति के प्रमुख वडिवलान ने कहा कि पैनल प्रत्येक और हर मौत पर गौर करेगा।

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अमित कुमार बाजपेयी
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