राष्ट्रपति ने कहा, विपश्यना से रहता है मस्तिष्क शुद्ध

Mazkoor Alam

Publish: Jan, 14 2018 10:55:03 PM (IST)

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राष्ट्रपति ने कहा, विपश्यना से रहता है मस्तिष्क शुद्ध

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को मुंबई में विपश्यना वैश्विक पगोडा में दूसरे धम्मालय ध्यान केंद्र की आधारशिला रखा

मुंबई : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को मुंबई में विपश्यना वैश्विक पगोडा में दूसरे धम्मालय ध्यान केंद्र की आधारशिला रखने के बाद कहा विपश्यना साधना से मस्तिष्क शुद्ध रहता है और इसका लगातार अभ्यास करने से एकाग्रता बढ़ती है। इतना ही नहीं इसका असर हमारे शरीर व दिमाग पर पड़ता है, जिसका लाभ अंतत: पूरे समाज को मिलता है।

नैतिकता, एकाग्रता और आत्मबोध से बना है विपश्यना
राष्ट्रपति ने उत्तर पश्चिम मुंबई के गोराई में दूसरे धम्मालय ध्यान केंद्र की आधारशिला रखने के बाद कहा कि विपश्यना तीन नियमों, नैतिकता, एकाग्रता और आत्मबोध से मिलकर बना है और यह मूल्य जागरूकता व आत्मनिरीक्षण से आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक गैर सांप्रदायिक ध्यान पद्धति है और यह जाति, धर्म, भाषा, ***** व आयु से निरपेक्ष सभी मानवों पर समान रूप से लागू होती है। विपश्यना ध्यान विधि भगवान बुद्ध ने सिखाई है। इसने न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

आभार दिवस में लिया भाग
महामहिम ने उस पगोडा में स्थापित वैश्विक विपश्यना फाउंडेशन (जीवीएफ) के आभार दिवस में भी भाग लिया। यह विश्व का सबसे बड़ा गुंबद है और इसकी सबसे खास बात यह है कि इस गुंबद को बनाने में खंभों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह अरब सागर के तटीय इलाके के गोराई गांव में स्थित है। आभार दिवस जीवीएफ संस्थापक एसएन गोयनका के शिक्षक रहे सयागी यू बा खिन की याद में होता है। यह उनकी 46 पुण्यतिथि थी। बा खिन बर्मा (अब म्यांमार) के पहले एकाउंटेंट जनरल थे और विपश्यना के प्रमुख प्राधिकारी थे। उन्हीं की याद में पगोडा बनाया गया है। इसका उद्घाटन 2009 फरवरी में किया गया।

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी पहुंचे
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीवी राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा व दूसरे गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हु राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद प्रसन्नता हुई कि यहां विश्व का सबसे बड़ा पगोडा है और जीवीएफ केंद्र इगतपुरी (नासिक) व देनगन पैलेस (नागपुर) विपश्यना ध्यान केंद्र को लोकप्रिय बना रहे हैं।

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