खींच कर लकीरें बांट दिए दो मुल्क, कुदरत का कहर ऐसा , 'मौत का मंजर इधर भी है-उधर भी'

खींच कर लकीरें बांट दिए दो मुल्क, कुदरत का कहर ऐसा , 'मौत का मंजर इधर भी है-उधर भी'

Kaushlendra Pathak | Publish: Apr, 17 2019 06:22:55 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 07:04:27 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

  • भारत और पाकिस्तान में एक साथ प्रकृति का कहर
  • आंधी-तूफान और भारी बारिश के कारण भारत में 31 तो पाकिस्तान में 25 की मौत
  • पाक के कई इलाकों में बाढ़ जैसी हालत, भारत में पीएम ने की मुआवजे की घोषणा

नई दिल्ली। सदियों पुरानी कहावत है इंसान अपने फायदे और स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। उस स्वार्थ की न तो कोई 'सीमा' होती है और न ही कोई 'सरहद'। तभी तो 72 साल पहले फायदे और स्वार्थ के लिए इस देश में 'सरहद' नामक एक लकीर खींच दी गई और धरती दो हिस्सों में बंट गई, 'हिंदुस्तान और पाकिस्तान'। लेकिन, कहते हैं न कि इंसान भले ही सरहद बांट दे पर कुदरत से पार नहीं पा सकता। कुदरत के लिए न तो कोई सीमा है और न ही कोई सरहद। वो जब और जहां चाहे अपनी दया बरसा सकती है या कहर बरपा सकती है। इसकी बानगी एक बार फिर देखने को मिली भारत और पाकिस्तान में, जिसके कारण 'मौत का मंजर इधर भी है और उधर भी'।

प्रकृति ने मिटा दी 'दर्द की दूरियां'

मंगलवार देर रात या यूं कहें कि बुधवार अल-सुबह भारत और पाकिस्तान में एक साथ कुदरत ने आंधी-तूफान और बारिश का कहर बरपाया। इसमें सरहद के इस पार 31 लोगों की मौत हुई जबकि उस पार 25 लोग काल के गर्त में समा गए। प्रकृित के इस कहर को न तो सरहद रोक पाई और न ही कोई सीमा। भारत में मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में कुदरत ने ऐसा तांडव किया कि 31 लोग मौत के मुंह में समा गए। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में 10, गुजरात में 9 और राजस्थान में 9 के साथ देशभर में प्राकृतिक आपदा से कुल 31 लोगों की मौत हुई। तेज बारिश के साथ ओले के कारण राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, अब मौसम विभाग ने यूपी और राजस्थान में अगले 24 घंटे में आंधी और तूफान की भविष्यवाणी की है।

पाकिस्तान में भारी तबाही

वहीं, पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों में भीषण तूफान और बारिश के कारण कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक- पंजाब प्रांत में तूफान के कारण कई इमारतें ढह गईं और 2 महिलाओं समेत कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की चित्राल घाटी में एक मकान की छत गिर जाने से एक महिला और 2 पुरूषों की मौत हो गई। बलूचिस्तान में बाढ़ के कारण एक बच्चे समेत 9 लोगों की मौत हो गई है। प्राकृतिक तबाही के कारण क्वेटा, ग्वादर, चगई, हरनाई, दुकी, जेवानी, जाफराबाद, कोहलू, सिबी, बरखान, चमन और बलूचिस्तान के अन्य जिलों में बाढ़ आने से प्रांत के विभिन्न हिस्सों में सड़क संपर्क भी टूट गया है।

मौत पर भी 'बंटवारा'

इधर, इस प्राकृतिक आपदा पर भी देश में 'बंटवारे' की राजनीति शुरू गई। देश के पीएम मोदी ने पहले गुजरात के लिए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए सहायता देने की घोषणा की। पीएम के इस बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आप गुजरात के नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं। पीएम ने तुरंत सभी मरनेवालों के परिजनों के लिए सहायता राशि की घोषणा कर दी। लेकिन, इंसान धरती पर चाहे कितनी भी लकीरें खींच दे, सरहदें बांटे दे, देश बांट दे, प्रकृति जब अपना 'प्रलय' रूप धारण करती है, तो वह न केवल सबके बीच 'दर्द की दूरियां' मिटा देती है बल्कि 'मौत का अहसास' भी सबको बराबर रूप से कराती है।

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