रिहा होंगे राजीव गांधी के हत्यारे, तमिलनाडु सरकार राज्यपाल से जल्द करेगी सिफारिश

रिहा होंगे राजीव गांधी के हत्यारे, तमिलनाडु सरकार राज्यपाल से जल्द करेगी सिफारिश

राजीव गांधी हत्याकांड मामले के दोषियों को रिहा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सभी दोषी पिछले 27 साल के जेल में बंद हैं।

नई दिल्ली: राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों को रिहा करने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है।तमिलनाडु सरकार हत्याकांड में आजीवन सजा काट रहे 7 दोषियों को रिहा करने के लिए राज्यपाल से सिफारिश करेगी। राज्य मंत्री डी जयकुमार ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकार किया गया। मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि मंत्रिमंडल के इस प्रस्ताव को राज्यपाल के पास 'तत्काल' भेजा जाएगा। सातों दोषियों मुरूगन, संतन, पेरारीवलन, जयकुमार, रविचन्द्रन, रॉबर्ट पायस और नलिनी को रिहा करने के लिए राज्यपाल पुरोहित को सिफारिश करने का निर्णय लिया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के सभी दोषी पिछले 27 साल के जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि 2014 तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने सभी दोषियों को रिहा करने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उस प्रस्ताव पर विरोध जताया था।

भाजपा नेता स्वामी का पलटवार

वहीं तमिलनाडु के मंत्री के बयान पर भाजपा नेता सुब्रमणयम स्वामी ने पलटवार किया। सुब्रमणयम स्वामी ने कहा कि यह केवल एक सिफारिश है। राज्यपाल राज्य सरकार के लिए बाध्य नहीं है। उनके पास अपना विवेक है। मुझे यकीन है कि वह पिछला रिकॉर्ड देखकर फैसला लेंगे और सिफारिश को खारिज कर देंगे।

मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन

वहीं हत्याकांड के दोषी एजी पेरारीवलन की मां अरुथुथमल ने पत्रकारों से कहा कि वो रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से मुलाकात की, दोषी की मां ने बताया कि उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्यपाल निश्चित रूप से सिफारिश स्वीकार करेंगे और जल्द ही सभी 7 अभियुक्त होंगे। दोषी की मां ने रिहाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया।

राजीव गांधी के हत्यारे को रिहा करना गलत: केंद्र

वहीं पिछले महीने केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राजीव गांधी हत्याकांड मामले के दोषियों को रिहा नहीं किया जा सकता और साथ ही कहा कि उन्हें रिहा करने से एक 'खतरनाक उदाहरण' पेश होगा। केंद्र की तरफ से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता पिंकी आनंद ने जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि केंद्र को तमिलनाडु सरकार का दोषियों को रिहा करने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं है। केंद्र ने अपनी रपट में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारों को रिहा करने से गलत उदाहरण पेश होगा। इस मामले पर न्यायपालिका और कार्यपालिका के विभिन्न मंचों से निर्णय किया गया है और कैदी रिहा के काबिल नहीं हैं।

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