UGC ने जारी की नई गाइडलाइन, जानिए कब होंगे यूनिवर्सिटी फाइनल ईयर के Exam, जानिए जरूरी बातें

Highlights
- यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (UGC Guidelines for University Exams 2020) (UGC) ने ग्रेजुएशन/ पोस्‍ट ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के एग्जाम कैंसल (Exam) न करने का फैसला लिया है
- इस परीक्षा की तारीख बदल दी जाएगी
- इसके तहत यूनिवर्सिटीज (UGC New Guidelines for Final Year Exams 2002) के फाइनल ईयर के एग्जाम सितंबर के अंत तक यानी 30 सितंबर तक कराए जा सकेंगे

नई दिल्ली. यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (University Grand Commission) के निर्देशों का इंतजार कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है। निर्देश के अनुसार यूनिवर्सिटी ग्रांड कमीशन (UGC Guidelines for University Exams 2020) (UGC) ने ग्रेजुएशन/ पोस्‍ट ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर के एग्जाम कैंसल (Exam) न करने का फैसला लिया है। इस परीक्षा की तारीख बदल दी जाएगी। इसके तहत यूनिवर्सिटीज (UGC New Guidelines for Final Year Exams 2002) के फाइनल ईयर के एग्जाम सितंबर के अंत तक यानी 30 सितंबर तक कराए जा सकेंगे।


गृह मंत्रालय (home Ministry) की अनुमति के बाद यूजीसी ने सोमवार देर रात विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर संशोधित गाइड लाइन (UGC Guideline) जारी की है। जिसमें जुलाई में परीक्षाओं को कराने जैसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। साथ ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को अनिवार्य बताते हुए इन्हें सितंबर (UGC Exam in September) के अंत तक कराने की अनुमति दी है। ये ऑनलाइन (Online) होगी या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से कराई जा सकेंगी।


बता दें कि यूजीसी ने इससे पहले 29 अप्रैल को जारी गाइडलाइन में सभी विवि और कालेजों से एक से पंद्रह जुलाई के बीच अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने को कहा था। जबकि पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाएं कराने के लिए 15 से 30 जुलाई तक का समय तय किया था। इस बीच कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों और विश्वविद्यालयों ने मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षाएं कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूजीसी से परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन की नए सिरे से समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।

जानिए खास बातें..

- बैकलॉग वाले स्टूडेंट्स के लिए एग्जाम अनिवार्य होंगे। ऐसे छात्र ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से परीक्षा दे सकते हैं।
- एग्जाम किसी भी माध्यम से हो सकता है। पेन-पेपर, ऑनलाइन या मिले-जुले माध्यम (ऑनलाइन और ऑफलाइन) से कराए जा सकते हैं।

- किसी वजह से फाइनल ईयर का कोई स्टूडेंट एग्जाम नहीं दे पाता है तो उसे स्पेशल एग्जाम में हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा जो यूनिवर्सिटी हालात के हिसाब से आयोजित करेगी। ये मौजूदा एकेडमिक सत्र पर लागू होगा और सिर्फ एक बार ही इसका लाभ लिया जा सकेगा।

- इंटरमीडिएट सेमेस्टर के लिए यूजीसी की 29 अप्रैल को जारी की गई गाइडलाइंस ही मान्य होंगी।

- जरूरत पड़ी तो एडमिशन और एकेडमिक कैलेंडर से जुड़ी जरूरी जानकारी यूजीसी अलग से बताएगा।
- आखिरी सेमिस्टर के अलावा अन्य सेमिस्टर के नतीजे पिछले प्रदर्शन एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर घोषित किए जाएंगे।
- यूजीसी ने यह भी कहा है कि जो छात्र सितंबर में भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें विवि विशेष मौके भी दे सकेंगे। इनमें सामान्य कॉलेज से लेकर पेशेवर, तकनीकी कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं शामिल हैं।

Ruchi Sharma
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