रिपोर्ट में आधार सॉफ्टवेयर हैक होने का दावा, UIDAI ने कहा- यह संभव ही नहीं

रिपोर्ट में आधार सॉफ्टवेयर हैक होने का दावा, UIDAI ने कहा- यह संभव ही नहीं

यूआईडीएआई ने कहा जबतक कोई शख्स अपना बायोमेट्रिक्स नहीं देता है, तबतक ऑपरेटर आधार को अपडेट नहीं कर सकता है।

नई दिल्ली। आधार के डेटाबेस सॉफ्टवेयर के हैक होने की खबर का विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने खंडन किया है। आधार से सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि आधार साफ्टवेयर के हैक होने की बात सही नहीं है। आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि आधार सॉफ्टवेयर हैक होने के दावे में सच्चाई कम और ये आधारहीन है। जबतक कोई शख्स अपना बायोमेट्रिक्स नहीं देता है, तबतक ऑपरेटर आधार को अपडेट नहीं कर सकता है।

2500 रूपए में बन सकता है आधार: रिपोर्ट

'हफपोस्ट इंडिया' ने खुलासा किया है कि आधार डेटाबेस, जिसमें एक अरब से अधिक भारतीयों की बॉयोमीट्रिक्स और व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं, उसमें सॉफ्टवेयर पैच के जरिए सेंध लगा दी गई है। दावा किया गया है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति 2,500 रुपए में आसानी से मिलने वाले इस पैच के जरिए दुनिया भर में कहीं भी आधार आईडी बना सकता है।

फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ ने पहले ही उठाए थे सवाल

पिछले महीने फ्रांसीसी सुरक्षा विशेषज्ञ इलियट एल्डर्सन ने यूआईडीएआई से सवाल किया था कि क्यों इसकी हेल्पलाइन संख्या कई लोगों के फोन पर उनकी जानकारी के बिना दर्ज हो गई, जिससे काफी विवाद हुआ था। अब उन्होंने एक बार फिर कहा है कि यूआईडीएआई डेटा में सेंध को रोकने के लिए हैकर्स के साथ काम करें। इलियट ने कहा कि मैं दोहराता हूं कि कोई भी चीज ऐसी नहीं है, जिसे हैक न किया जा सके। यह आधार पर भी लागू होती है। कभी भी बहुत देर नहीं होती। सुनिए और हैकर्स को धमकी देने के बजाए उनसे बात कीजिए।

कांग्रेस बोली- खतरे में आधार

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) में दर्ज लोगों के विवरण खतरे में हैं। कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा कि आधार नामांकन सॉफ्टवेयर के हैक हो जाने से आधार डेटाबेस की सुरक्षा खतरे में आ सकती है। हमें उम्मीद है कि अधिकारी भावी नामांकनों को सुरक्षित करने और संदिग्ध नामांकन की पुष्टि के लिए उचित कदम उठाएंगे।

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