बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: बेरोजगार लड़की ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, मांगी नौकरी

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: बेरोजगार लड़की ने खून से लिखा PM मोदी को पत्र, मांगी नौकरी

देहरादून में भूख हड़ताल पर बैठी लड़की पीएम मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारों को याद दिलाते हुए न्याय की मांग की है।

नई दिल्‍ली। अब मोदी सरकार के लिए कुछ अच्‍छा होता नजर नहीं आ रहा है। पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव परिणाम के संकेत भी अच्‍छे नहीं हैं। वहीं देहरादून की एक शिक्षित बेरोजगार लड़की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को याद दिलाते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गई है। उसकी मांग है कि मोदी सरकार उसे नौकरी मुहैया कराए। इस लड़की ने हद तो तब कर दी जब उसने अपने खून से एक खत लिखकर पीएम मोदी से नौकरी की मांग कर दी है। इतना ही नहीं उसने इस बात की चेतावनी भी दी है कि अगर उसे नौकरी नहीं मिली तो वह अनशन पर ही दम तोड़ देगी।

पीएम से की न्‍याय की मांग
युवती के इस रुख से पीएम मोदी के लिए एक नई चुनौती है। ऐसा इसलिए कि उनकी पार्टी भाजपा शासित उत्तराखंड में ही एक बेटी अपनी जान देने पर मजबूर है। इस लड़की को नियमों को परे जाकर नौकरी देना संभव भी नहीं है। इसके बावजूद देहरादून निवासी 26 साल की ये लड़की अपनी मांगों को लेकर पिछले छह दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हुई है। कभी जूते पॉलिश तो कभी भीख मांग कर अपनी मांगों को मनवाने की कोशिश में लगी है। इस लड़की ने पीएम मोदी को बेटी बचाओ के नारों को याद दिलाते हुए बस अपने लिए न्याय मांग रही है। प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक किसी ने भी अभी तक इस लड़की की सुध नहीं ली तो मजबूर होकर छह दिन से भूखी लड़की हंसा बिष्ट ने अपने शरीर से खून निकालकर देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है।

अधिकारियों का मांग मानने से इनकार
भूख हड़ताल पर बैठी युवती अपनी जिद पर अड़ी है। अपनी जान को खतरे में डालकर बस पीएम से गुहार लगा रही है क्योंकि उत्तराखंड की सरकार ने उसकी सभी मांगों को अनसुना कर दिया है। ये लड़की एक पढ़ी लिखी बेरोजगार है और अपने लिए सिर्फ एक नौकरी की मांग पर अड़ी है। एनसीईआरटी की गाइडलाइन के हिसाब से जो वर्षवार नियुक्ति होती हैं वो अब नहीं हो रही, जिसकी वजह से यहां के युवा बेरोजगार हैं।

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