दलित उद्यमियों के लिए वरदान बनी ईज ऑफ डूइंग पॉलिसी : प्रधान

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास के मंत्र को सरकार की हर नीतियों में अपनाया है।

 

 

 

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Minister dharmendra pradhan) ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास के मंत्र को सरकार की हर नीतियों में अपनाया है। इससे एससी-एसटी वर्ग में आज उद्यमशीलता का भाव पैदा हुआ है, यह वर्ग नौकरी लेने वाला नहीं बल्कि सबसे अधिक रोजगार देने वाला बन गया है। यह सिद्ध करता है कि भारत में सकारात्मक पहल और कार्यों के प्रोत्साहन की एक नई कार्यशैली विकसित हो चुकी है। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्री की ओर पेट्रोलियम एवं स्टील सेक्टर के लिए आयोजित स्पेशल नेशनल वेंडर डेवलपमेन्ट प्रोग्राम को संबोधित करने के दौरान यह बात उन्होंने कही।

एलपीजी टैंक ट्रक को भी हरी झंडी

इस मौके पर पेट्रिलियम मंत्री ने 3121 एलपीजी टैंक ट्रक को भी हरी झंडी दिखाई ।दलितों को पेट्रोलियम पदार्थ आवागमन कारोबार से जोड़ने के लिए शुरू किए गए ब्लक एलपीजी टैंकर—ट्रक वेंडर योजना के तहत 3121वें ट्रक को अंबेडकर संस्थान नई दिल्ली से रवाना करते हुए प्रधान ने कहा कि दलितों को यह समझना होगा कि उनका असली हमदर्द या साथी कौन है।

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केंद्रीय पेट्रोलियम—स्टील मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ लोग अंबेडकर की फोटो और नाम की तख्ती लेकर नागरिकता कानून व अन्य मुददों पर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ऐसे में दलितों को यह देखना होगा कि उन्हें किसने अब तक ठगा है। उन्होंने टैंकर—ट्रक योजना का हवाला देते हुए कहा कि पहले भी इस योजना में दलितों के लिए आरक्षण था। लेकिन दलित कारोबारी केवल 4 प्रतिशत थे क्योंकि उन पर कई तरह के आर्थिक नियम लगाकर उन्हें बाहर रखा जा रहा था। मोदी सरकार में यह आंकड़ां 16 प्रतिशत तक आया है और जल्द ही यह 22.5 प्रतिशत तक जाएगा।

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उज्ज्वला का सबसे अधिक लाभ एससी-एसटी वर्ग को मिला

प्रधान ने कहा कि उज्जवला स्कीम में देश भर में 8 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए। इनमें से 3 करोड़ 5 लाख या 38 प्रतिशत कनेक्शन दलितों को दिए गए। हम देश के एक लाख दलितों को उद्योग स्थापित करने में मदद दे रहे हैं। जिससे वे अपने यहां पर कम से कम पांच लोगों को रोजगार दे। इससे एक साथ 5—6 लाख दलित नौकरी—रोजगार—उद्योग से जुड़ जाएंगे। ऐसे में नागरिकता कानून और अन्य मुददों पर दलितों को अंबेडकर का फोटो दिखाने वालों को लेकर यह तय करना होगा कि उनके असली हितैषी या अंबेडकर के अनुयायी कौन हैं। वे जो उन्हें अब तक वंचित—शोषित बनाए हुए हैं। गुमराह किये हुए हैं या फिर मोदी सरकार जो उन्हें लगातार सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।

prashant jha
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